ट्रेन से नहीं प्लेन से सफर करेंगे Railway अधिकारी, इसलिए हुआ यह बड़ा बदलाव

अब दक्षिण-पश्चिम रेलवे के अधिकारी ट्रेन नहीं प्लेन से सफर करेंगे. रेलवे ने साउथ वेस्टर्न हेडक्वार्टर हुबली, कर्नाटका से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता आधिकारिक मीटिंग के लिए जाने वाले अधिकारियों को हवाई जहाज से आने की अनुमति दे दी है.

ट्रेन से नहीं प्लेन से सफर करेंगे Railway अधिकारी, इसलिए हुआ यह बड़ा बदलाव

नई दिल्ली : अब दक्षिण-पश्चिम रेलवे के अधिकारी ट्रेन नहीं प्लेन से सफर करेंगे. रेलवे ने साउथ वेस्टर्न हेडक्वार्टर हुबली, कर्नाटका से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता आधिकारिक मीटिंग के लिए जाने वाले अधिकारियों को हवाई जहाज से आने की अनुमति दे दी है. दरअसल रेलवे का कोई अधिकारी यदि एसी-फ‌र्स्ट या एसी-सेकेंड से सफर करता है तो यह समय और किराया मिलाकर हवाई किराये से काफी महंगा पड़ता था. इसको देखते हुए अधिकारियों ने इन शहरों में जाने के लिए हवाई यात्रा को मंजूरी देने का आग्रह किया था.

अधिकारियों को पहले से ज्यादा समय मिलेगा
दक्षिण-पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कहा कि इससे अधिकारियों को काम करने के लिए पहले से ज्यादा समय मिलेगा. हवाई जहाज की यात्रा के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए उप महाप्रबंधक ने 31 जुलाई को महाप्रबंधक को एक पत्र लिखा था. इस पत्र में कहा गया था, 'दक्षिण-पश्चिम रेलवे के किसी भी हिस्से से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता की यात्रा में 12 घंटे से ज्यादा लगता है. ऐसे में यदि यात्रा में लगने वाले समय और किराये दोनों को मिला लिया जाए तो यह हवाई किराये की तुलना में ज्यादा होता है.

दो घंटे की मीटिंग के लिए लगते हैं तीन दिन
इस पत्र में यह भी लिखा गया कि रेलवे बोर्ड आमतौर पर शार्ट नोटिस पर बैठक बुलाता है. ऐसे में एक अधिकारी को दिल्ली में होने वाली दो घंटे की मीटिंग के लिए आने-जाने के समय को लगाकर कुल तीन दिन लग जाते हैं. महाप्रबंधक अजय कुमार सिंह ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कहा, यह निर्णय केंद्र सरकार की प्रक्रिया के अनुरूप है. यह आदेश भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि 13 क्षेत्रों के हवाई किराये के साथ तुलना से पता चलता है कि ट्रेन की तुलना में हवाई यात्रा सस्ती है.