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PNB में हो सकता है 2 बड़े बैंकों का मर्जर, वित्त मंत्रालय ने तैयार किया प्लान

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में सरकार तेज एक्शन में काम कर रही है. खासतौर पर वित्त मंत्रालय को कई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर रही हैं.

PNB में हो सकता है 2 बड़े बैंकों का मर्जर, वित्त मंत्रालय ने तैयार किया प्लान

नई दिल्ली : मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में सरकार तेज एक्शन में काम कर रही है. खासतौर पर वित्त मंत्रालय को कई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर रही हैं. सबसे बड़ी खबर यह कि बैंकों के मर्जर को लेकर वित्त मंत्रालय ने एक्शन तेज किया है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा के बाद अब पंजाब नेशनल बैंक के मर्जर को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं. वित्त मंत्रालय ने इस मामले में बैंकों के साथ मर्जर पर चर्चा भी की है.

दो बैंकों के साथ हो सकता है विलय
सहयोगी वेबसाइट www.zeebiz.com/hindi में प्रकाशित खबर के अनुसार अगले चरण के मर्जर में सबसे बड़ा मर्जर PNB में होगा. सूत्रों के मुताबिक, पीएनबी में दो बड़े बैंकों का विलय हो सकता है. इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है. जल्द ही नोट को कैबिनेट में पेश किया जाएगा. कैबिनेट मंजूरी के बाद प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा. वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, मर्जर का प्रस्ताव दो चरण में होगा. पहले चरण में पंजाब नेशनल बैंक के साथ इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र को मर्ज किया जा सकता है. वहीं, दूसरे चरण में केनरा बैंक के साथ 2 बैंकों के मर्जर का प्रस्ताव है.

पीएनबी के बाद केनरा का नंबर
सूत्रों की मानें तो बैंकों के मर्जर का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है. पंजाब नेशनल बैंक में दो बैंकों के मर्जर के बाद केनरा बैंक में भी दो बैंकों का विलय हो सकता है. हालांकि, इससे आगे के चरण को लेकर फिलहाल वित्त मंत्रालय में कोई चर्चा नहीं है. लेकिन, यह तय कि आने वाले दिनों में पीएनबी मर्जर पर प्रस्ताव जरूर आएगा.

बैंकों को मजबूत बनाने की कोशिश
बैंकों को एनपीए से निपटने और मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए सरकारी बैंकों का मर्जर जरूरी है. सरकार के अलावा कई ब्रोकरेज फर्म भी बैंकों के कंसॉलिडेशन पर जोर दे चुकी हैं. पहले एसबीआई के साथ छह बैंकों का विलय हुआ और फिर बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक का विलय पूरा किया गया. सरकार निजी बैंकों के बढ़ते कारोबार के साथ सार्वजनिक बैंकों को मजबूती देना चाहती है.

दो चरण में होना है बैंकों का मर्जर
माना जा रहा है कि बैंकों का मर्जर दो चरणों में किया जाएगा. पहले चरण में इनकी संख्या 21 से घटाकर 12 हो सकती है. वहीं, दूसरे चरण में सरकार बैंकों की संख्या घटाकर 6 पर ला सकती है. आपको बता दें कि सरकार का लक्ष्‍य सरकारी बैंकों का आपस में विलय करके देश में 5-6 बड़े बैंक बनाने का है.