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प्रोविडेंट फण्ड (PF) खाते में होने वाला है बड़ा बदलाव, स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने का मिलेगा विकल्प

 यही नहीं नई नौकरी ज्वाइन करने पर आपसे ये भी पूछा जाएगा कि ईपीएफ स्कीम लेना चाहते हैं या एनपीएस. इस अहम मसले पर श्रम मंत्रालय में मंगलवार को अहम बैठक हुई. 

प्रोविडेंट फण्ड (PF) खाते में होने वाला है बड़ा बदलाव, स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने का मिलेगा विकल्प
पीएफ का पूरा पैसा NPS में ट्रांसफर करने का विकल्प मिल सकता है. प्रतीकात्मकत तस्वीर

नई दिल्ली: जल्द ही आपको ये विकल्प मिल सकता है कि आप अपने प्रोविडेंट फण्ड (EPFO) का पूरा पैसा राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के जरिए स्टॉक मार्केट (Stock Market) में लगा सकेंगे. यही नहीं नई नौकरी ज्वाइन करने पर आपसे ये भी पूछा जाएगा कि ईपीएफ स्कीम लेना चाहते हैं या एनपीएस. इस अहम मसले पर श्रम मंत्रालय में मंगलवार को अहम बैठक हुई. सरकार इस फैसले के पक्ष में है और पहले ड्राफ्ट जारी करते समय भी इस प्रक्रिया को जल्द लागू करने की सिफारिश करती रही है.

नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस एक सरकारी रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, जिसे केन्द्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 को लॉन्च किया था. 1 जनवरी 2004 के बाद ज्वाइन करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना अनिवार्य है. साल 2009 के बाद से इस योजना को प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए भी खोल दिया गया.

पीएफ का पूरा पैसा NPS में ट्रांसफर करने का विकल्प मिल सकता है. नई नौकरी जॉइन करने पर एम्प्लोयी प्रोविडेंट फण्ड स्कीम या नेशनल पेंशन स्कीम को चुनने का मिलेगा विकल्प.

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3 तरह के होते हैं Provident Fund
क्या होता है EPF?
EPF की राशि हर कर्मचारी की सैलरी से काटी जाती है. बेसिक सैलरी का 12 फीसदी कर्मचारी के वेतन से EPF में जमा होता है. 12 फीसदी कंपनी भी देती है, जिसमें 8.33 फीसदी आपके पेंशन स्कीम (EPS) अकाउंट में और बाकी 3.67 फीसदी EPF में जमा होता है. 

अगर किसी कंपनी में 20 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं तो उसे EPF लागू करना होगा. वित्त वर्ष 2018-19 में EPF पर ब्याज दर बढ़ा कर 8.65 फीसदी कर दी गई है. जब नौकरी बदलते हैं तो पुराने PF अकाउंट को बंद करवा सकते हैं या फिर इसे ट्रांसफर भी करवाया जा सकता है. इस राशि का कुछ हिस्सा निकाला भी जा सकता है.

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क्या होता है GPF?
जनरल प्रोविडेंट फंड केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए होता है. प्राइवेट कर्मचारियों के लिए EPF होता है. GPF पर 8 फीसदी ब्याज दर मिलती है. अगर कोई सरकारी कर्मचारी सस्पेंड हो जाता है तो वह GPF में जमा नहीं कर सकता है. जब कोई सरकारी कर्मचारी रिटायर होने वाला होता है तो, रिटायरमेंट से तीन महीने पहले GPF अकाउंट बंद हो जाता है. इस पर वर्तमान में 8 फीसदी ब्याज दर मिलती है. सरकारी कर्मचारी इसके एवज में एडवांस लोन भी उठा सकता है, जिसके बदले उसे ब्याज नहीं चुकाना होता है. लोन की राशि EMI के रूप में चुकानी होगी.

क्या होता है PPF?
पब्लिक प्रोविडेंट फंड बैंकों और डाक की तरफ से ऑफर किया जाता है. यह निवेश का साधन है जिसका इस्तेमाल कोई भी कर  सकता है. इसके तहत जितना निवेश किया जाता है वह 80C के तहत आता है और इनकम टैक्स में राहत मिलती है. वर्तमान में इस पर 8 फीसदी ब्याज दर मिलती है.