गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुई मोदी सरकार की 'पहल'

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एलपीजी सब्सिडी अंतरण पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स का प्रमाणपत्र सौंपा। इसके जरिये भारत में एलपीजी सब्सिडी अंतरण को दुनिया के सबसे बड़े नकदी अंतरण कार्यक्रम के तौर पर मान्यता दी गई है।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुई मोदी सरकार की 'पहल'
प्रधानमंत्री मोदी को प्रमाण पत्र सौंपते केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (साभारः ट्वीटर)

नई दिल्ली : पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एलपीजी सब्सिडी अंतरण पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स का प्रमाणपत्र सौंपा। इसके जरिये भारत में एलपीजी सब्सिडी अंतरण को दुनिया के सबसे बड़े नकदी अंतरण कार्यक्रम के तौर पर मान्यता दी गई है।

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की पिछली सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर के लिये दी जाने वाली सब्सिडी को सीधे उपभोक्ताओं के बैंक खातों में पहुंचाने के कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसकी शुरुआत 1 सितंबर 2013 से हुई।

एलपीजी की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना के समक्ष आने वाली शुरुआती समस्या के बाद वर्तमान एनडीए सरकार ने इसे नये सिरे से ‘पहल’ नामक योजना के तहत शुरू किया। देश के 54 जिलों में 15 नवंबर 2014 से और फिर पूरे देश में एक जनवरी 2015 से इसे लागू कर दिया गया।

एक आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, 'पहल योजना को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स ने दुनिया की सबसे बड़ी नकदी अंतरण योजना के तौर पर माना है। योजना के तहत 30 जून 2015 की स्थिति के अनुसार देश के 12.57 करोड़ परिवारों को सीधे सब्सिडी अंतरण उनके खातों में किया जा रहा है।' 

वक्तव्य के अनुसार, '3 दिसंबर 2015 की स्थिति के अनुसार 14.62 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता पहल योजना में शामिल हुए हैं और उन्हें गैस सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में मिल रही है।'