UGRAM Battle Rifle DRDO: भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए रिकॉर्ड 100 दिनों में स्वदेशी UGRAM बैटल राइफल तैयार कर ली है. DRDO और हैदराबाद के स्टार्टअप ने मिलकर इस घातक हथियार ने सेना और गृह मंत्रालय के सभी कड़े टेस्ट पास कर लिए हैं, इससे विदेशी निर्भरता कम होगी.
डीआरडीओ ने ओडिशा स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से MIRV तकनीक से लैस उन्नत अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया है. इस परीक्षण ने दुश्मन देशों की नींद उड़ा दी है. इस मिसाइल का टेस्ट कई पेलोड्स के साथ किया गया. रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ को बधाई दी है.
TARA: ଆଜି DRDO ଏବଂ ଭାରତୀୟ ବାୟୁସେନା ଓଡ଼ିଶା ଉପକୂଳରେ ସ୍ୱଦେଶୀ TARA ଗ୍ଲାଇଡ୍ ଅସ୍ତ୍ରର ପ୍ରଥମ ସଫଳ ଉଡ଼ାଣ ପରୀକ୍ଷଣ କରିଛି। ଏହି ମଡ୍ୟୁଲାର୍ କିଟ୍ ଅଗଭୀର ଅସ୍ତ୍ରଶସ୍ତ୍ରକୁ ସଠିକ୍-ନିର୍ଦ୍ଦେଶିତ ଯୁଦ୍ଧାସ୍ତ୍ରରେ ପରିଣତ କରିଥାଏ, ଯାହା ଦ୍ୱାରା ସେମାନଙ୍କର ଘାତକତା ବୃଦ୍ଧି କରିଥାଏ। ଏହି କମ ମୂଲ୍ୟର ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା 'ଆତ୍ମନିର୍ଭର ଭାରତ' (ଆତ୍ମନିର୍ଭର ଭାରତ) ଦିଗରେ ଏକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ପଦକ୍ଷେପ ପ୍ରତିନିଧିତ୍ୱ କରେ। ଏହି ସଫଳତା ପାଇଁ ପ୍ରତିରକ୍ଷା ମନ୍ତ୍ରୀ DRDO ଟିମ୍ କୁ ଅଭିନନ୍ଦନ ଜଣାଇଛନ୍ତି।
Indian Air Force: DRDO और भारतीय वायुसेना ने 7 मई 2026 को ओडिशा तट पर स्वदेशी TARA ग्लाइड हथियार का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया. यह मॉड्यूलर किट बिना गाइड वाले हथियारों को सटीक निर्देशित बनाती है, जिससे मारक क्षमता बढ़ती है. कम लागत वाली यह तकनीक आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है. रक्षा मंत्री ने DRDO टीम को बधाई दी.
Delhi News: राजधानी दिल्ली के बुराड़ी मैदान में DRDO ने रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर इमरजेंसी से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक CBRN फील्ड ट्रेनिंग और डेमोंस्ट्रेशन सेंटर शुरू किया है. इस सेंटर का उद्घाटन डीआरडीओ चेयरमैन समीर वी. कामत ने किया
DRDO: टैंक जैसा दिखने वाला AAP कहीं से भी भयानक हमले करने में, यानी मिसाइलें दागने में, सक्षम है. इसे देख एक बार तो पाकिस्तानी फौज के आका आसिम मुनीर का सिर भी चकरा जाएगा. जल, जंगल और जमीन कहीं से भी पाकिस्तान की फौज पर काल बनकर टूटने वाले इस ब्रह्मास्त्र की खासियत इसे अजेय बनाती है.
India Hypersonic power: भारत ने बंगाल की खाड़ी में 1550 किमी के नो-फ्लाई जोन के साथ मिसाइल परीक्षण का NOTAM जारी किया है. 12-14 अप्रैल के बीच DRDO का हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल या अग्नि सीरीज टेस्ट हो सकता है, जो देश की लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता और तकनीकी ताकत को और मजबूत करेगा.
Indian INDRA-II Radar: INDRA-II रडार श्रीलंका की परेड में देखा गया, जो इसकी विश्वसनीयता दिखाता है. यह लो-फ्लाइंग टारगेट और ड्रोन पकड़ने में माहिर है. DRDO का यह मोबाइल सिस्टम आज भी एयर डिफेंस में अहम भूमिका निभा रहा है.
DRDO Directed Energy Weapon: DRDO एक ऐसा एयरबोर्न डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) विकसित कर रहा है. जिसे फाइटर जेट पर लगाया जा सकेगा. यह सिस्टम दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने की क्षमता रखेगा. यह सिस्टम एक खास पॉड के रूप में विमान के साथ लगाया जाएगा.
Laser weapons in Fighter jet: DRDO फाइटर जेट्स के लिए लेजर आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन विकसित कर रहा है. यह सिस्टम मिसाइल, ड्रोन और दुश्मन के सेंसर को सीधे नष्ट कर सकेगा. 2027 तक इसके परीक्षण की उम्मीद है, जिससे भारतीय वायुसेना को आधुनिक और शक्तिशाली सुरक्षा क्षमता मिलेगी.
Saurya Hypersonic Missile: DRDO शौर्य NG हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण करने जा रहा है. यह Mach-7 गति से उड़कर 700–1000 किमी तक सटीक हमला कर सकती है. उड़ान में दिशा बदलने और अंतिम चरण में तेज मूवमेंट के कारण इसे रोकना मुश्किल है, जिससे भारत की स्ट्राइक क्षमता और मजबूत होगी.
Indian Manpads: DRDO AI आधारित MANPADS सिस्टम विकसित कर रहा है, जो सैनिकों को हवाई लक्ष्यों की पहचान में मदद करेगा. यह कंप्यूटर विजन से ड्रोन और फाइटर जेट को सेकंडों में पहचानता है. सिस्टम तेज लॉक-ऑन, सटीक निशाना और छोटे ड्रोन के खिलाफ प्रभावी सुरक्षा प्रदान करेगा.
Bhumi missile testing: Defence Research and Development Organisation (DRDO) “भूमि” एयर-टू-सर्फेस मिसाइल की ग्राउंड टेस्टिंग कर रहा है, जिसे Su-30MKI से लॉन्च किया जाएगा. 500-1000 किलोग्राम पेलोड वाली यह मिसाइल दूर से सटीक हमला कर सकेगी और दुश्मन के मजबूत ठिकानों को नष्ट करने में अहम भूमिका निभाएगी.
Indian Aero Engine: भारत स्वदेशी जेट इंजन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है. DRDO और GTRE एक आधुनिक एयरो इंजन टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित करने की योजना बना रहे हैं. इसका उद्देश्य विदेशी निर्भरता कम करना, इंजन विकास तेज करना और भविष्य के फाइटर जेट्स को देसी इंजन से लैस करना है.
DRDO Composite Gun Barrel: फायरिंग के दौरान गन बैरल को अधिक गर्मी, दबाव और घर्षण झेलना पड़ता है. इससे बैरल जल्दी घिस जाता है. इससे सटीकता घटती है. उसकी लाइफ कम हो जाती है. इसी समस्या का समाधान करने के लिए अब कॉम्पोजिट गन बैरल तकनीक पर काम हो रहा है.
DRDO Energy Weapon: भारत तेजी से बढ़ते ड्रोन खतरों से निपटने के लिए लेजर आधारित एयर डिफेंस तकनीक विकसित कर रहा है. DRDO का DURGA II और Mk-II(A) Directed Energy Weapon कार्यक्रम कम लागत में ड्रोन, क्रूज मिसाइल और अन्य हवाई खतरों को बिजली की गति से निशाना बनाने की क्षमता विकसित कर रहे हैं.
Man-Portable Air Defense: DRDO का टारगेट एक हल्का सिस्टम बनाना है. जिसे सैनिक सीधे कंधे पर रखकर फायर किया जा सकें. इससे पहाड़ी इलाकों और तेजी से आगे बढ़ रही इन्फैंट्री यूनिट्स को तुरंत हवाई खतरे का जवाब देने की क्षमता मिल सकेगी.
Indian navy and DRDO: DRDO और इंडियन नेवी ने गोवा तट के पास P-8I विमान से स्वदेशी ADC-150 एयर ड्रॉपेबल कंटेनर के सफल ट्रायल किए. यह सिस्टम 150 किलोग्राम तक जरूरी सामान समुद्र में तैनात नौसेना जहाजों तक पहुंचा सकता है, जिससे आपात स्थिति में लॉजिस्टिक सपोर्ट और ऑपरेशनल क्षमता मजबूत होगी.
DRDO Drone Killer Rockets: इस योजना के सेंटर में 70 मिमी और 80 मिमी रॉकेट हैं. जिनका इस्तेमाल अभी हेलीकॉप्टर से जमीन पर हमले के लिए किया जाता है. खास तौर पर HAL Light Combat Helicopter Prachand जैसे अटैक हेलीकॉप्टर इन रॉकेटों का इस्तेमाल करते हैं. DRDO की योजना है कि इन रॉकेटों को नई गाइडेंस तकनीक से लैस कर एयर-टू-एयर हथियार बनाया जाए. ताकि इन्हें आसमान में उड़ रहे ड्रोन को गिराने के लिए इस्तेमाल किया जा सके.
DRDO Photonic Radar: अब तक अधिकतर आधुनिक फाइटर जेट में गैलियम नाइट्राइड (GaN) आधारित रडार इस्तेमाल हो रहे हैं. जो पुराने गैलियम आर्सेनाइड (GaAs) रडार से ज्यादा ताकतवर और भरोसेमंद माने जाते हैं. लेकिन फोटोनिक रडार केवल एक नया सेमीकंडक्टर अपग्रेड नहीं है. इसमें रेडियो सिग्नल बनाने और प्रोसेस करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्किट की जगह लेजर और ऑप्टिकल फाइबर का इस्तेमाल किया जाता है.
Fighter jet Engine: भारत 120 kN श्रेणी के AMCA इंजन में स्वदेशी सिंगल-क्रिस्टल टरबाइन ब्लेड लगाने की तैयारी कर रहा है. DRDO और Safran की साझेदारी से विकसित यह इंजन उच्च तापमान, बेहतर सुपरक्रूज और लंबी उम्र देगा. इससे हॉट-सेक्शन तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और विदेशी निर्भरता घटेगी.
India Short Range Air Defence System: इजरायल-ईरान की जंग से दूर भारत खामोश रहकर बड़ी सैन्य तैयारी में जुटा है. उसने शनिवार को ओडिशा में एक घातक हथियार का टेस्ट किया, जो दुश्मन की मिसाइलों और विमानों के परखचे उड़ा देगा. आखिर भारत क्या करने जा रहा है.