India Post बन सकता है देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक, नीति आयोग ने दिया सुझाव

Niti Aayog द्वार दिए गए एक प्रस्ताव के बाद India Post देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक एसबीआई के बाद बन सकता है. 

India Post बन सकता है देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक, नीति आयोग ने दिया सुझाव
फाइल फोटो

नई दिल्लीः Niti Aayog द्वारा दिए गए एक प्रस्ताव के बाद India Post देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक एसबीआई के बाद बन सकता है. इसके अलावा आयोग ने तीन सरकारी बैंकों को निजी हाथों में बेचने का भी प्रस्ताव दिया है. नीति आयोग ने देश में वित्तीय समावेशन की जरूरत महसूस करते हुए क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का विलय कर डाक बैंक (पोस्टल बैंक) बनाए जाने का सुझाव दिया है. आयोग ने सरकार से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) का विलय इंडिया पोस्ट में करने समेत कई प्रकार की सिफारिशें की हैं. हाल ही में प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय को दिए प्रेजेंटेशन में नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि देश में जो 1.5 लाख से ज्यादा डाकघर हैं, उन्हें प्रस्तावित डाक बैंक के लिए निर्गम केंद्र (आउटलेट) बना दिया जाए.थिंक टैंक (नीति आयोग) ने यह सुझाव भी दिया है कि बैंक लाइसेंस प्राप्त करने के नियमों को आसान बनाया जाए. 

इन बैंकों के विलय का प्रस्ताव
नीति आयोग ने पंजाब एंड सिंध बैंक, यूको बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्राइवेटाइजेशन का सुझाव दिया है.सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन से सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा बैंक यूनियंस भी विरोध प्रदर्शन कर सकती हैं. बैंकिंग सेक्टर में किया गया हालिया विलय 1 अप्रैल से ही प्रभावी हुआ है. मौजूदा समय में देश में 12 सरकारी बैंक हैं, जबकि 2017 में इनकी संख्या 27 थी.

घाटा बना सबसे बड़ी वजह
इन बैंकों के निजीकरण का सुझाव दिए जाने के पीछे सबसे बड़ी वजह ये है कि इन बैंकों को लगातार घाटा हो रहा है. सरकार की इन बैंकों में हिस्सेदारी होने की वजह से इस घाटे का सीधा असर सरकार की आय पर पड़ रहा है. ऐसे में नीति आयोग ने इससे निपटने का रास्ता निकालते हुए इनके निजीकरण का सुझाव दिया है.

2019-20 की चौथी तिमाही में पंजाब एंड सिंध बैंक का घाटा बढ़कर 236.30 करोड़ रुपये हो गया है. घाटा बढ़ने की वजह है फंसे कर्ज के लिए प्रवाधान बढ़ाना. इसी अवधि में एक साल पहले भी बैंक को 58.57 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. कुछ दिन पहले ही इस बैंक ने 112 करोड़ रुपये का फ्रॉड होने की सूचना दी थी. इस बैंक में फ्रॉड के 67 मामले सामने आए हैं, जिसके तहत 397 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है. 

यूको बैंक ने इस बार जून में खत्म हुई तिमाही में 21.45 करोड़ रुपये का फायदा कमाया है, लेकिन पिछले साल इसी अवधि में बैंक को 601.45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. हालांकि, ब्याज से हुई कमाई में 5.11 फीसदी की कटौती हुई है. यूको बैंक में 119 फ्रॉड के मामले भी सामने आए हैं, जिनकी कुल रकम करीब 5,384 करोड़ रुपये है.

बैंक ऑफ महाराष्ट्र में फ्रॉड के करीब 413 मामले सामने आए हैं, जिनके तहत 3391 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है. ये बैंक भी सरकार के कंट्रोल से बाहर ही जाता दिख रहा है.

(इनपुट: IANS)

 

यह भी पढ़ेंः Senior Citizens के लिए ये हैं बेस्ट Investment Options, मिलता है टैक्स छूट का भी लाभ

ये भी देखें---