close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

डॉलर के मुकाबले रुपये में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट, रिकॉर्ड निचले स्तर 70.31 तक टूटा

डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी थमने का नाम नहीं ले रही है. डॉलर के मुकाबले रुपया गुरुवार को 29 पैसे टूटकर 70.19 के स्तर पर खुला.

डॉलर के मुकाबले रुपये में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट, रिकॉर्ड निचले स्तर 70.31 तक टूटा

नई दिल्ली: डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी थमने का नाम नहीं ले रही है. डॉलर के मुकाबले रुपया गुरुवार को 29 पैसे टूटकर 70.19 के स्तर पर खुला. खुलने के बाद रुपया 70.31 के स्तर तक टूट गया, जो रुपया का अब तक का सबसे निचला स्तर है. इससे पहले मंगलवार को रुपया ने 70.10 का ऑलटाइम लो बनाया था. हालांकि, नए रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसलने के बाद पिछले कारोबारी दिन रुपए में निचले स्तर से रिकवरी देखने को मिली थी और मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 4 पैसे की बढ़त के साथ 69.89 के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं, सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 1.09 रुपए की कमजोरी के साथ 69.93 के स्तर पर बंद हुआ था.

करेंसी मार्केट में हड़कंप
दरअसल, तुर्की के मेटल इंपोर्ट पर ड्यूटी को अमेरिका ने दोगुनी की थी, जिसके बाद करेंसी मार्केट में हड़कंप मचा हुआ है. अमेरिका के इस कदम से तुर्की की करेंसी लीरा में 40 फीसदी तक टूट चुकी है. इसके अलावा रुपया और यूरो पर भी इसका दबाव देखने मिला. साथ ही डॉलर इंडेक्स 14 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया था, जिससे रुपए पर दबाव बना हुआ है. 

रघुराम राजन ने रुपये पर क्या कहा
रुपया अब तक के निचले स्तर पर है लेकिन पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन इसे बड़ी चिंता की बात नहीं मानते. एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि एमर्जिंग मार्केट्स के हालात 2013 के मुकाबले काफी अच्छे हैं. रघुराम राजन के मुताबिक, रुपये के अब तक निचले स्तर पर पहुंचना चिंताजनक नहीं है. दरअसल, भारत में महंगाई दर दुनिया के मुकाबले ज्यादा है, ऐसे में  रुपये में थोड़ी और कमजोरी आनी चाहिए. वहीं टर्की संकट पर रघुराम राजन ने कहा कि टर्की में खराब नीतियों की वजह से दिक्कत देखने को मिल रही है. कुछ देश बेहद नाजुक दौर में हैं और टर्की के हालात से करेंसी संकट बढ़ने का डर है.

रुपए में गिरावट चिंता की बात नहीं
मंगलवार को आई रिकॉर्ड गिरावट के बाद सरकार ने कहा था रुपया विदेशी कारणों की वजह से गिर रहा है, इसमें चिंता की कोई बात नहीं है. आर्थिक मामलों की सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने एक बयान जारी कर कहा था कि विदेशी संकट आगे सामान्य होने के आसार है, इससे रुपये में रिकवरी आ सकती है. दरअसल, तुर्की में आर्थिक और राजनीतिक संकट से डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है. 

10 फीसदी टूट चुका है रुपया
साल 2018 में रुपया अब तक 10 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है. रुपया इस साल की शुरुआत से लगातार कमजोर हो रहा है. हालांकि, बीते साल रुपए ने डॉलर की तुलना में 5.96 फीसदी की मजबूती दर्ज की थी. वहीं, इस महीने डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक 1.84 रुपए टूट चुका है.

क्या है रुपए में कमजोरी की वजह
एक्सपर्ट्स की मानें तो अमेरिका और चीन में ट्रेड वॉर से ऑयल इम्पोर्टर्स के डॉलर की डिमांड बढ़ी, जिससे रुपए पर दबाव बना. इसके अलावा अगले महीने अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद है. ऐसे में डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है. इसके अलावा तुर्की में आर्थिक संकट की वजह से वहां की करेंसी लीरा काफी कमजोर हुआ है. सोमवार को भी लीरा में कमजोरी बढ़ी है, जिससे बैंकिंग शेयर टूटे हैं. ग्लोबल मार्केट पर भी लीरा करेंसी के गिरने का असर दिखाई दिया है. यूरोपीयन करंसी में भी स्लोडाउन आने से अन्य करंसी के मुकाबले डॉलर में मजबूती आ रही है.