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2027 तक भारत की अर्थव्यवस्था 5000 अरब डॉलर की हो सकती है, मास्टर प्लान तैयार

सुरेश प्रभु ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र को निर्यात पर ध्यान देना चाहिए. यह गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा को लाएगा.

2027 तक भारत की अर्थव्यवस्था 5000 अरब डॉलर की हो सकती है, मास्टर प्लान तैयार
फोटो साभार IANS.

गांधीनगर: वाणिज्य एवं उद्योग तथा नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने शनिवार को कहा कि भारत में अगले सात से आठ साल में पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है. वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन को यहां संबोधित करते हुए प्रभु ने कहा कि उनके मंत्रालय ने विनिर्माण, सेवा और कृषि क्षेत्र पर ध्यान देते हुए इस लक्ष्य को संभव बनाने के लिए एक रूपरेखा तैयार की है.

प्रभु ने कहा, ‘‘ भारत के पास अगले सात से आठ साल में पांच हजार अरब की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है और हम 2035 से पहले निश्चित तौर पर 10 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था होंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘विनिर्माण क्षेत्र को निर्यात पर ध्यान देना चाहिए. यह गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा को लाएगा. हमारा कुल निर्यात करीब 500 अरब डॉलर का है और चुनौती इसे दोगुना करने की है.’’ 

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गौरतलब है कि देश का वाणिज्यिक निर्यात पिछले वित्त वर्ष में 300 अरब डालर के स्तर का था. इसमें सेवा क्षेत्र के निर्यात के आकड़े शामिल नहीं है. भारत आईटी साफ्टवेयर और कुछ अन्य सेवाओं का भी एक प्रमुख निर्यातक है. प्रभु ने कहा, ‘‘अभी हमारे पास अपना निर्यात बढ़ाने का बढ़िया मौका है. दुनिया में पुरानी चीजें खत्म हो रही हैं और नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं. भारत को इसका लाभ उठाना चाहिए.’’ 

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प्रभु ने कहा कि भारत अफ्रीकी और लातिन अमेरिकी देशों को अपना निर्यात बढ़ा सकता है. देश में हवाई संपर्क बेहतर करने के बारे में प्रभु ने कहा कि निकट भविष्य में 100 नए हवाईअड्डों का विकास होना है और इस पर कुल 65 अरब डॉलर का निवेश होगा. गुजरात के धोलेरा और अंकलेश्वर में नए सिरे से हवाईअड्डों का विकास किए जाने के लिए शनिवार को यहां भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और गुजरात सरकार के बीच दो करार पर हस्ताक्षर हुए. धोलेरा के लिए हुए करार के अनुसार उस पर 1500 करोड़ रुपये की लागत आएगी. 

(इनपुट-भाषा)