Khakee Web Series: ड्राइवरों संग बिताया एक हफ्ता, खुद भी चलाए ट्रक; ऐसे ली ‘चंदन महतो’ बनने की ट्रेनिंग!
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Khakee Web Series: ड्राइवरों संग बिताया एक हफ्ता, खुद भी चलाए ट्रक; ऐसे ली ‘चंदन महतो’ बनने की ट्रेनिंग!

Khakee – The Bihar Chapter: हाल ही में एक वेब सीरीज खाकी- द बिहार चैप्टर रिलीज हुई है और इसे काफी पसंद किया जा रहा है. इस सीरीज में एक किरदार सबसे ज्यादा चर्चा में है चंदन महतो का जिसे निभाया है एक्टर अविनाश तिवारी ने और इसे निभाने के लिए उन्होंने ट्रक ड्राइवरों संग खूब समय बिताया. 

Khakee Web Series: ड्राइवरों संग बिताया एक हफ्ता, खुद भी चलाए ट्रक; ऐसे ली ‘चंदन महतो’ बनने की ट्रेनिंग!

Khakee-The  Bihar Chapter Chandan Mahto: नेटफ्लिक्स पर रिलीज खाकी – द बिहार चैप्टर वेब सीरीज लोगों को काफी पसंद आई है और यही वजह है कि इसके किरदार अब लोगों को खूब भा रहे हैं और लोग इनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना भी चाह रहे हैं. सीरीज में एक मेन किरदार है चंदन महतो का. जिसे पर्दे पर निभाया है एक्टर अविनाश तिवारी ने. हाल ही में अविनाश ने एक इंटरव्यू में इसे लेकर खूब बात की और बताया कि गैंगस्टार का रोल प्ले करने के लिए उन्होंने किस तरह तैयारी की और कैसे ये रोल इतना पॉपुलर बन गया कि इसकी खूब तारीफ हो रही है. लेकिन उससे पहले बता देते हैं कि आखिर चंदन महतो हैं कौन?

रीयल किरदार पर बेस्ड है चंदन महतो
दरअसल, ये जो सीरीज है बिहार की उस दौर की पृष्ठभूमि पर आधारित है जब वहां गुंडे, गैगस्टर का राज हुआ करता था. जंगल राज चलता था और अपहरण, हत्या, डकैती, लूट जैसी वारदार आम हो चली थी. कहा जाता है कि उस दौर में  पिंटू महतो नाम का एक कुख्यात गैंगस्टर था जिसकी पूरे बिहार में चलती थी. एमपी से लेकर बीडीओ तक की हत्या का आरोपी पिंटू महतो सबूत के अभाव में बरी हो गया था. उस पर 30 मर्डर और अपहरण के केस भी चल रहे थे. कहा जा रहा है कि सीरीज में दिखाया चंदनन महतो का किरदार पिंटू महतो पर ही बेस्ड है जिसे अविनाश तिवारी ने निभाया है.   

ड्राइवरों संग 10 दिन बिताए
इस रोल की खास तैयारी अविनाश तिवारी ने की थी ताकि वो रीयल लग सके. चूंकि वो खुद भी बिहार से हैं लिहाजा बेसिक दिक्कत उनके सामने नहीं आई उन्हें बस चंदन महतो के किरदार के लिए एक ड्राइवर के तौर पर ढलना था. लिहाजा शूटिंग से पहले वो अपने गांव जो बिहार-झारखंड की सीमा पर है वहां चले गए जहां वो चाय की दुकान पर सबसे ज्यादा समय बिताते और लोगों को ऑब्जर्व करते. इसके अलावा उन्होंने 10 दिन ट्रक ड्राइवरों के साथ भी बिताए. उन्होंने ट्रक चलाना भी सीखा. 

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