Heart Attack: अध्ययन में हुआ बड़ा खुलासा, इस दिन पड़ता है सबसे गंभीर दिल का दौरा
Advertisement
trendingNow11806796

Heart Attack: अध्ययन में हुआ बड़ा खुलासा, इस दिन पड़ता है सबसे गंभीर दिल का दौरा

हार्ट अटैक (Heart Attack) एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें दिल के मांसपेशियों को खून पहुंचाने वाली मुख्य धमनी (कोरोनरी धमनी) में रुकावट आती है. यह रुकावट आमतौर पर थक्के जमने के कारण होती है.

Heart Attack: अध्ययन में हुआ बड़ा खुलासा, इस दिन पड़ता है सबसे गंभीर दिल का दौरा

हार्ट अटैक (Heart Attack) एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें दिल के मांसपेशियों को खून पहुंचाने वाली मुख्य धमनी (कोरोनरी धमनी) में रुकावट आती है. यह रुकावट आमतौर पर थक्के जमने के कारण होती है, जो धमनी को ब्लॉक कर देते हैं. इससे दिल के एक अंग को खून की आपूर्ति में आवश्यक ऑक्सीजन की कमी होती है. अगर इस स्थिति का तत्काल इलाज नहीं किया जाता है, तो यह मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकता है और मौत का कारण बन सकता है. हाल ही में हुए एक अध्ययन ने इस बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, जिसे आप सबको जानना चाहिए.

एक अध्ययन से पता चला है कि सोमवार को दिल के दौरे का खतरा अधिक होता है. बेलफास्ट हेल्थ एंड सोशल केयर ट्रस्ट और आयरलैंड में रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स के डॉक्टरों ने 10,528 मरीजों के डेटा का विश्लेषण किया और उन्होंने यह खुलासा किया कि सप्ताह के शुरुआत यानी सोमवार को सबसे ज्यादा घातक दिल का दौरा पड़ा. ब्रिटिश कार्डियोवैस्कुलर सोसाइटी में डॉक्टरों ने एक अध्ययन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने एसटी-सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इंफार्क्शन (एसटीईएमआई) का अध्ययन किया. इस अध्ययन में यह पता चला कि हार्ट अटैक की दर में अधिकता सोमवार को देखी गई थी, जब एक प्रमुख कोरोनरी धमनी पूरी तरह से ब्लॉक हो जाती है.

सर्कडियन लय से लिंक है दिल का दौरा
अब तक, वैज्ञानिक पूरी तरह से यह समझाने में असमर्थ रहे हैं कि यह "ब्लू मंडे" घटना क्यों होती है. पिछले अध्ययनों ने सुझाव दिया है कि दिल का दौरा सोमवार को होने की अधिक संभावना है और यह सर्कडियन लय से जुड़ा हुआ है. इसे शरीर की नींद या जागने का चक्र के रूप में जाना जाता है. ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन (BHF) के चिकित्सा निदेशक प्रोफेसर सर नीलेश समानी ने कहा कि उनका अध्ययन डॉक्टरों को इस घातक स्थिति को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकता है ताकि हम भविष्य में और अधिक जीवन बचा सकें.

Trending news