हृदय रोग से लेकर किडनी डैमेज तक का कारण बनती है Diabetes, बीमारी से बचने के लिए करें ये उपाय

जब लंबे समय तक शरीर का ब्लड शुगर लेवल हाई बना रहता है तो इस शुगर यानी ग्लूकोज को एनर्जी में बदलने वाले हार्मोन इंसुलिन का उत्पादन कम हो जाता है और इस स्थिति को ही डायबिटीज कहते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बीमारी का कोई निश्चित इलाज नहीं है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Feb 17, 2021, 09:28 AM IST

नई दिल्ली: जब लंबे समय तक शरीर का ब्लड शुगर लेवल हाई बना रहता है तो इस शुगर यानी ग्लूकोज को एनर्जी में बदलने वाले हार्मोन इंसुलिन का उत्पादन कम हो जाता है और इस स्थिति को ही डायबिटीज कहते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बीमारी का कोई निश्चित इलाज नहीं है. एक बार डायबिटीज हो जाए उसके बाद आप इसे ठीक नहीं कर सकते सिर्फ दवाओं और डाइट से मैनेज कर सकते हैं. लेकिन अगर सही ढंग से इलाज न हो तो डायबिटीज की ये बीमारी ब्रेन से लेकर हार्ट, किडनी, नसें, त्वचा, आंखें और रक्तवाहिकाओं तक को नुकसान पहुंचाती है जिसकी वजह से मरीज कई और बीमारियों का भी शिकार हो जाता है.

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डायबिटीज की वजह से आंखों से जुड़ी बीमारियां

eye disease

अगर शरीर में हाई ब्लड शुगर का लेवल लंबे समय तक बना रहे तो इसकी वजह से आंखों के पीछे मौजूद बेहद छोटी रक्तवाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं जिसकी वजह से रेटिनोपैथी, मोतियाबिंद, काला मोतियाबिंद और मैक्युलर एडिमा जैसी आंखों से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं. इसमें आंखों में सूजन हो जाती है, धुंधला दिखने लगता है और कई बार आंखों से तरल पदार्थ भी आने लगता है.

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डायबिटीज की वजह से किडनी फेलियर का खतरा

kidney failure risk

डायबिटीज की वजह से कई मरीजों को डायबीटिक नेफ्रोपैथी की बीमारी हो जाती है जो किडनी फेलियर का कारण बनती है. डायबिटीज से पीड़ित एक तिहाई लोगों को यह बीमारी अवश्य होती है. इस बीमारी से पीड़ित लोगों की भूख कम हो जाती है, जी मिचलाने लगता है, उल्टी आती है, नींद नहीं आती, हाथ, पैर और चेहरे पर सूजन हो जाती है, स्किन में खुजली होने लगती है. ब्लड शुगर को कंट्रोल करके इस बीमारी की इलाज किया जा सकता है.

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हृदय रोग का कारण बनती है डायबिटीज की बीमारी

heart disease

डायबिटीज के मरीजों को कोरोनरी आर्टरी डिजीज, कंजेस्टिव हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक जैसे हृदय रोग होने का खतरा भी काफी अधिक होता है. नैशनल हार्ट एसोसिएसन के आंकड़ों की मानें तो डायबिटीज से पीड़ित करीब 65 प्रतिशत मरीजों के हृदय रोग से मौत का खतरा कई गुना अधिक होता है, खासकर उन लोगों के जिन्हें टाइप 2 डायबिटीज की बीमारी है. इसका कारण ये है कि डायबिटीज के मरीजों की कोरोनरी आर्टरी हार्ड हो जाती है जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है.

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डायबिटीज की वजह से नसों को भी होता है नुकसान

nerve damage

डायबिटीज की वजह से कुछ लोगों में नर्व पेन यानी नसों में दर्द की समस्या हो जाती है जिसे पेरिफेरल न्यूरोपैथी कहा जाता है और इस बीमारी का इलाज मुश्किल होता है. इस बीमारी में हाथ में, पैर में और उंगलियों में सुन्नता महसूस होने लगती है और कई बार बेहद तेज और चुभने वाला दर्द भी होता है. यह बीमारी टाइप 1 और टाइप 2 दोनों ही तरह के डायबिटीज के मरीजों में देखने को मिलती है.

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त्वचा को भी नुकसान पहुंचाता है डायबिटीज

skin damage

डायबिटीज के हर 3 में से 1 मरीज को त्वचा से संबंधित कोई न कोई बीमारी अवश्य होती है. हालांकि अगर समय पर इलाज हो जाए तो ये बीमारियां गंभीर नहीं होती. दरअसल, ब्लड शुगर लेवल बढ़ने की वजह से ब्लड फ्लो सही नहीं रहता और इसकी वजह से हाथ और पैर में ड्राई स्किन की वजह से खुजली होने लगती है. इसके अलावा डायबिटीज के मरीजों को बैक्टीरियल इंफेक्शन और फंगल इंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है.

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डायबिटीज से बचने के उपाय

how to prevent diabetes

डायबिटीज से बचना चाहते हैं तो अपनी डाइट में शुगर और रिफाइंड कार्ब्स का सेवन कम से कम करे, नियमित रूप से रोजाना वर्कआउट करें, रोजाना ढेर सारा पानी पिएं, अगर आप ओवरवेट हैं तो मोटापा कम करें, स्मोकिंग की आदत छोड़े, लो कार्बोहाइड्रेट और हाई फाइबर डाइट का सेवन करें, हर वक्त बैठे रहने की आदत छोड़े, कुछ न कुछ ऐक्टिविटी करते रहें. 

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