अपनी सेहत का खयाल कुछ इस तरह रख सकते हैं रोजेदार

रमजान के महीने में रोजा रखने वालों को कई बार कुछ सेहत संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और जब रोजा जून की भीषण गर्मी में हो तो सेहत का खयाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। डॉक्टरों की सलाह है कि रोजेदार प्रोटीन, काबरेहाइड्रेट और फाइबर से भरपूर डाइट लें और एक के ऊपर एक चीज नहीं खाएं।

अपनी सेहत का खयाल कुछ इस तरह रख सकते हैं रोजेदार

नई दिल्ली : रमजान के महीने में रोजा रखने वालों को कई बार कुछ सेहत संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और जब रोजा जून की भीषण गर्मी में हो तो सेहत का खयाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। डॉक्टरों की सलाह है कि रोजेदार प्रोटीन, काबरेहाइड्रेट और फाइबर से भरपूर डाइट लें और एक के ऊपर एक चीज नहीं खाएं।

केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद् में सहायक निदेशक डॉ सैयद अहमद खान ने कहा कि इन दिनों में 15 घंटे से ज्यादा का रोजा रखना आसान नहीं है। इसलिए खान पान का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेहरी (सूरज निकलने से पहले भोजन आदि करना) में प्रॉट्रीन से भूरपूर खुराक ली जाए जिससे दिन भर आप को भूख का अहसास भी न हो और कमजोरी भी महसूस न हो।

उन्होंने कहा कि शोरबा वाले सालन खाएं जिसमें तेल और मसाला कम हो, जो आसानी से पच सके। फाइबर का ज्यादा इस्तेमाल करें, जैसे फलों और हरी सब्जियों का इस्तेमाल करें क्योंकि यह धीरे-धीरे पचती हैं, और इनके सेवन से दिन में पेट में खालीपन भी महसूस नहीं होगा। साथ ही में इनसे शरीर को तरलता भी मिलती रहेगी।

डॉ खान ने बताया कि इफ्तार के वक्त (रोजा खोलने का समय) खजूर और फलों का अधिक इस्तेमाल करें और एकदम से पानी न पीएं। आम और खजूर के शेक का सेवन करें और शरबत पिएं। वहीं यथार्थ वेलनेस मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के डॉ बेग मिर्जा किफायत मकसूद ने बताया कि रमजान के महीने में सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है क्योंकि इस महीने में पूरा जैविक चक्र बदल जाता है। आज के वक्त में 100 फीसदी फिट कोई नहीं है और कोई न कोई बीमारी हर किसी को है। इसके अलावा ज्यादातर लोग गैस के मरीज हैं।

इसलिए यह जरूरी है कि सेहरी और इफ्तार दोनों वक्त एहतियात से खाएं और ज्यादा नहीं खाएं।

डॉ मकसूद ने कहा कि जो लोग रोजा रखना चाहते हैं वह सेहरी में पूरा वक्त लेकर उठें और आराम -आराम से खाएं, एक के उपर एक चीज नहीं खाएं और डाइट प्रॉटीन, काबरेहाइड्रेट और फाइबर से भरी हुई चीजें लें। उन्होंने कहा कि इस मौसम में शरीर को पानी की जरूरत रहती है इसलिए पानी भी पूरी मात्रा में पिएं, लेकिन एक साथ एक-दो लीटर पानी नहीं पिएं, बल्कि थोड़ा थोड़ा कर के पिएं।

इसके अलावा डॉक्टर ने कहा कि दिन में सीधे सूरज के संपर्क में आने से बचें और जहां तक मुमकिन हो मेहनत वाला काम नहीं करें, जिससे उर्जा बची रहेगी। साथ में अगर संभव हो तो दिन में एक-दो घंटा जरूर सोएं।

इफ्तार के वक्त भी संयम बरतने की सलाह देते हुए डॉक्टर बेग ने कहा कि एक साथ हर चीज नहीं खाएं। रोजा खजूर से खोलें और कोलड्रिंक, जंक फूड तथा केफिन वाले पदार्थ जैसे चाय, कॉफी का सेवन नहीं करें क्योंकि इससे प्यास बढ़ती है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में बताया कि जिन लोगों का रक्तचाप :ब्लड प्रेशर: रोजे के दौरान कम हो जाता है, वे पैर सीधे करके लेट जाएं और दस मिनट के लिए पैरों को उपर कर लें। अगर एक साथ दस मिनट तक नहीं कर सकते हैं तो दो-दो मिनट करके यह क्रिया करें। इससे मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति सही हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि मधुमेह, दिल और अस्थमा के मरीज रोजा रखने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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