इस डॉक्‍यूमेंट्री देखकर अक्षय कुमार को आया 'भारत के वीर' बनाने का आइडिया

जी न्‍यूज से खास बातचीत में अक्षय कुमार ने इस बात का खुलासा किया कि उन्‍हें इसका विचार कहां से आया.

इस डॉक्‍यूमेंट्री देखकर अक्षय कुमार को आया 'भारत के वीर' बनाने का आइडिया

नई दिल्‍ली: फिल्‍म अभिनेता अक्षय कुमार सोमवार को लालकिले पर थे. यहां उन्‍होंने जी न्‍यूज से खास बातचीत की. इस दौरान उन्‍होंने कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी. एयर स्‍ट्राइक, देश के वर्तमान हालात और अपनी फिल्‍म केसरी के बारे में अक्षय कुमार खुलकर बोले. एयर स्‍ट्राइक और सेना के सवाल पर उन्‍होंने कहा, हमें अपनी सेना पर भरोसा होना च‍ाहिए. अगर सेना ने कहा है कि उसने एयर स्‍ट्राइक की है तो हमें भरोसा होना चाहिए. वह ऐसे ही कोई दावा नहीं करेगी. अक्षय कुमार की सारागढ़ी युद्ध पर बनी फिल्‍म केसरी रिलीज होने वाली है.

अक्षय कुमार सेना और सैनिकों से जुड़े मुद्दों पर हमेशा खुलकर बोलते रहे हैं. वह सिर्फ बोलते नहीं है बल्‍क‍ि उनके के लिए भारत के वीर जैसा पोर्टल भी शुरू कर चुके हैं. अक्षय कुमार ने ये पोर्टल शहीद परिवारों के लिए शुरू किया है. इसके द्वारा उन परिवारों को सीधे पैसे भेजे जाते हैं, जिनके परिवार से किसी ने देश के लिए अपने प्राण न्‍योछावर किए हों. इसका उद्घाटन देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किया था.

जी न्‍यूज से खास बातचीत में उन्‍होंने इस बात का खुलासा किया कि उन्‍हें इसका विचार कहां से आया. जी न्‍यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी ने जब अक्षय कुमार से सवाल पूछा कि आपको भारत के वीर शुरू करने का आइडिया कहां से आया तो उन्‍होंने कहा, एक बार वह आतंकियों पर बनी एक डॉक्‍यूमेंट्री हाउ इज द टेरेरिस्‍ट क्र‍िएटिड देख रहे थे. उसमें बताया जा रहा था किस तरह आतंकियों को तैयार करने वाले आतंकियों को उकसाते हैं. वह कहते हैं कि तुम अपनी लड़ाई जारी रखो अपने परिवार की चिंता मत करो. तुम्‍हारे परिवार का ख्‍याल रखा जाएगा.

अक्षय कुमार ने कहा, इसके बाद हमने इस बात को मानवता के नजरिए से सोचा. तब मन में ख्‍याल आया कि क्‍यों न इस तरह की शुरुआत सैनिकों के लिए की जाए. हमने जब से इसे शुरू किया है, हर शहीद सैनिकों के घर हम पैसा भेज चुके हैं. अक्षय कुमार ने कहा, मैंने सरकार से निवेदन किया है कि इसके जरिए अब दिव्‍यांग जवानों के लिए भी पैसे भेजे जाएं.

अक्षय कुमार ने कहा, इस पोर्टल के माध्‍यम से सीधे शहीद के परिवार को पैसे मिलते हैं. मैं ये कहना चाहूं‍गा कि मिडिल क्‍लास इसमें ज्‍यादा पैसे भेजते हैं. कुछ लोग 50 रुपए भेजते हैं. कुछ 500 भेजते हैं. कई लोग अपनी औकात से ज्‍यादा भेजते हैं.