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अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट में 29वें दिन की सुनवाई आज, शाम पांच बजे तक होगी सुनवाई

सोमवार को चार नवनियुक्त जजों को शपथ लेनी है इसलिए सुनवाई करीब 1 घंटे देरी से शुरू होगी. 

अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट में 29वें दिन की सुनवाई आज, शाम पांच बजे तक होगी सुनवाई

नई दिल्ली: अयोध्या मामले (Ayodhya case) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में 29वें दिन की सुनवाई सोमवार को होगी. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई 1 घंटे अधिक यानि शाम 5 बजे तक करेगा.  सोमवार को चार नवनियुक्त जजों को शपथ लेनी है इसलिए सुनवाई करीब 1 घंटे देरी से शुरू होगी. 

दरअसल, शुक्रवार को 28वें दिन की सुनवाई में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने 'बाबरनामा' के अलग-अलग संस्करण और अनुवाद के अंश पढ़े. उन्‍होंने इसके जरिए ये दलील दी थी कि विवादित संरचना पर अरबी और फारसी शिलालेख में अल्लाह लिखा था. साथ ही इनके जरिए यह साबित करने की कोशिश की गई थी कि यह मस्जिद बाबर ने ही बनवाई थी. 

राजीव धवन ने कहा था कि जन्मभूमि को न्यायिक व्यक्ति बनाने के पीछे का मकसद यह है कि भूमि को कहीं शिफ्ट नहीं किया जा सकता है. उन्‍होंने कहा था कि भगवान विष्‍णु स्‍वयंभू हैं और इसके सबूत मौजूद हैं. भगवान राम के स्‍वयंभू होने पर यह दलील दी जा रही है कि रात में भगवान राम किसी के ख्वाब में आए और उसको बताया कि उनका सही जन्मस्थान किस जगह पर है, क्या इस पर विश्वास किया जा सकता है.

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इससे पहले गुरुवार को 27वें दिन की सुनवाई में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने सवाल पूछ रहे जज के लहजे को आक्रामक बताया था फिर बाद में माफी मांग ली थी. दरअसल, जस्टिस अशोक भूषण ने 1935 में इमारत के भीतर मूर्ति देखने का दावा करने वाले गवाह पर सवाल किया था. धवन का कहना था कि अविश्वसनीय बयान पर चर्चा नहीं होनी चाहिए. जज का कहना था कि चर्चा हर बात की हो सकती है. बात को देखना कैसे है, यह कोर्ट का काम है.इस पर धवन ने जज से कहा था कि आपका लहज़ा आक्रामक है. मैं इससे डर गया. धवन के रवैये पर बेंच के सदस्य जस्टिस चंद्रचूड़ और वकील वैद्यनाथन ने एतराज़ जताया था जिसके बाद धवन ने तुरंत कोर्ट से माफी मांगी ली थी.