Bangladesh Protest Updates: बांग्लादेश में भयावह होते हालात से भारत में शरण लेने वालों का सिलसिला शुरू हो गया है. वहां से आया एक शख्स बांग्लादेश के भयावह हालात बताते हुए रो पड़ा.
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Arrival of Hindus in India: बांग्लादेश में जारी संकट के बीच भारत में शरण लेने के लिए लोगों का आना शुरू हो गया है. भारत आए बांगलादेश की अवामी लीग पार्टी से जुड़े विश्वजीत साहा ने कहा कि शेख हसीना के पद त्यागने के बाद बांग्लादेश में अवामी लीग पार्टी पर अत्याचार किया जा रहा है. इससे बचने के लिए वो भारत आ गए हैं. उन्होंने कहा, 'आंदोलन के दौरान वह खेतों मे छिपकर रह रहे थे. हम बहुत मुश्किल से भारत पहुंचे हैं.'
अपनी जान बचाकर भागकर आए
विश्वजीत साहा का कहना है कि उनके पास पासपोर्ट है, वह अपनी जान बचाकर भारत आए. लेकिन उनके परिवार में बाकी लोगों के पास पासपोर्ट नहीं है. उनका क्या होगा, इसकी चिंता उन्हें खाए जा रही है. बता दें कि बांग्लादेश में पहले कुछ युवक आरक्षण को लेकर आंदोलन शुरू हुआ था. इसके बाद देखते ही देखते यह आंदोलन सत्ता विरोधी आंदोलन में तब्दील हो गया. दावा किया जा रहा है कि इस आंदोलन में राष्ट्र विरोधी ताकतें शामिल हो गईं, जिसके बाद अब यहां सत्ता की लड़ाई शुरू हो चुकी है.
बांग्लादेश में हालात हो रहे बदतर
शेख हसीना के इस्तीफा देने के बाद अब वहां सेना सरकार की गठन की तैयारी में जुट चुकी है. लेकिन मुल्क के मौजूदा हालात बद से बदतर हो चुके हैं. जगह-जगह सेना और पुलिसकर्मियों की तैनाती यह बयान करने के लिए काफी हैं कि हालातों को सामान्य होने में अभी वक्त लगेगा. कई सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया गया है.
भारत की 'देखो और इंतजार करो की नीति'
उधर, भारत पड़ोसी मुल्क होने के नाते पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. हालांकि, भारत और बांग्लादेश के बीच हमेशा से ही हालात मधुर रहे हैं, लेकिन इस घटना के बाद संबंधों में कड़वाहट आ सकती है. भारत फिलहाल देखो और इंतजार करो की नीति पर चल रहा है. अगर हालात बिगड़ते हैं और भारत में शरणार्थियों का आगमन बढ़ता है तो भारत कोई बड़ा कदम भी उठा सकता है.
बांग्लादेश में जारी राजनीतिक संकट का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शेख हसीना प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भारत पहुंच गई हैं. वह हिंडन एयरबेस पर हैं. इसके बाद, केंद्र सरकार ने बैठक की. जिसमें आगे क्या कुछ कदम उठाए जाने हैं, इस बारे में विचार-विमर्श किया गया. मंगलवार को सर्वदलीय बैठक भी हुई.
(एजेंसी आईएएनएस)