पंजाब में बड़ा सियासी संकट, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा
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पंजाब में बड़ा सियासी संकट, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा

पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर घमासान शुरू हो गया है. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. पंजाब का नया मुख्यमंत्री चुनने के लिए आज शाम विधायकों की बैठक होगी.

पंजाब में बड़ा सियासी संकट, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा

चंडीगढ़: कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने पंजाब के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. शनिवार को सीएलपी बैठक से पहले उन्होंने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा है. इस्तीफा सौंपने के बाद कैप्टन अमरिंदर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, 'मैंने आज सुबह ही फैसला कर लिया था. इस बारे में सोनिया गांधी को भी बता दिया था. मेरे साथ ये तीसरी बार हो रहा है. मैं यहां ह्यूमिलेटेड फील कर रहा हूं. अब उन्हें जिस पर भरोसा होगा वो उसे मुख्यमंत्री बना लेंगे.'

क्या कांग्रेस छोड़ देंगे कैप्टन अमरिंदर?

इस्तीफ के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'राजनीति में विकल्प हमेशा रहता है. मुझे पॉलिटिक्स में 52 साल हो गए हैं. साढ़े 9 साल मैं मुख्यमंत्री रहा हूं. लेकिन दो महीने में तीन बार बैठक करके पार्टी ने जिस तरह मुझ पर दवाब बनाया है उससे मैं अपमानित महसूस कर रहा हूं. पार्टी हाईकमान को मेरे नेतृत्व पर शक था. इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया है. अब वो जिसे चाहें उसे सीएम बना सकते हैं. मुझे नया सीएम स्वीकार नहीं है. मैं अभी कांग्रेस में ही हूं और अपने साथियों और सपोर्टर्स से बात करूंगा और अपने फ्यूचर पॉलिटिक्स करियर पर आगे फैसला लूंगा.'

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नए मुख्यमंत्री बनेंगे सुनील जाखड़?

नए मुख्‍यमंत्री का चुनाव करने के लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज शाम पांच बजे होगी. नए मुख्‍यमंत्री के तौर पर सुनील जाखड़ का नाम सबसे आगे चल रहा है. आज सुनील जाखड़ ने एक ट्वीट किया था. जिसमें उन्होंने लिखा, 'राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के विवाद को सुलझाने के लिए जो कदम उठाया है उस साहसी निर्णय से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है. इसके साथ ही अकालियों को झकझोर कर रख दिया है.' बैठक के लिए पंजाब कांग्रेस भवन में गतिविधियां तेज हो गई है. पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत और दोनों केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन व हरीश राय चौधरी चंडीगढ़ पहुंच गए हैं.

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ट्वीट से हुई घटनाक्रम की शुरुआत

मिनट दर मिनट बदलते राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत शुक्रवार रात करीब 11 बजकर 42 मिनट पर हुई, जब पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने शनिवार को तत्काल सीएलपी की बैठक करने के फैसले के बारे में ट्वीट किया. करीब 10 मिनट बाद प्रदेश पार्टी अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने सभी विधायकों को सीएलपी की बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया. रावत की घोषणा को हाईकमान की ओर से नए पदाधिकारी को नियुक्त करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिसके नेतृत्व में पार्टी मार्च 2022 में होने वाले विधान सभा चुनाव में जाएगी.

घटनाक्रम पर बीजेपी का हमला

वहीं, पंजाब में जारी सियासी घटनाक्रम पर बीजेपी लगातार कांग्रेस पर हमला बोल रही है. हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा, 'कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दिया है इसकी पटकथा तो उसी दिन लिख दी गयी थी जिस दिन नवजोत सिंह सिधु का कांग्रेस में प्रवेश हुआ था क्योंकि जहां-जहां पांव पड़े ‘संतन’ के तहां-तहां बंटाधार.' इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि जहाज जब डूबने वाला होता है तो हिचकोले खाने लगता है. उन्होंने अंबाला में कहा कि पंजाब कांग्रेस उसी प्रकार ने हिचकोले खा रही है. इसी वजह से इनका आपसी टकराव हो रहा है.

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