मोदी मंत्रिपरिषद की मैराथन बैठक, CAA और NRC पर नहीं; इस एजेंडे पर हुआ 8 घंटे मंथन

दिल्ली में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक की. प्रवासी भारतीय केंद्र में ये बैठक तकरीबन साढे आंठ घटे तक चली. 

मोदी मंत्रिपरिषद की मैराथन बैठक, CAA और NRC पर नहीं; इस एजेंडे पर हुआ 8 घंटे मंथन
बैठक में सीएए प्रोटेस्ट और एनआरसी पर हो रहे हंगामे और विरोध पर कोई चर्चा नही हुई. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: दिल्ली में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक की. प्रवासी भारतीय केंद्र में ये बैठक तकरीबन साढ़े आंठ घटे तक चली. महत्तपूर्ण बात ये है कि इस बैठक में नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे विरोध
(CAA Protest)
और एनआरसी (NRC) पर हो रहे हंगामे और विरोध पर कोई चर्चा नही हुई. पीएम मोदी ने पांच-से छह मंत्रालयों के कई ग्रुप बनाए हुए हैं. आज 5 ग्रुप ऑफ मिनिस्ट्रीज का प्रजेंटेशन था लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सिर्फ दो ही ग्रुप का प्रजेंटेंशन हो पाया. तीन का बाद में होगा. इस बैठक में सेंक्रेटीज के ग्रुप ने मंत्रालयवार प्रजेंटेंशन दिया और बताया कि बीते पांच साल में क्या काम हुआ है और आगे का रोड मैप क्या है. आज इंफ्रास्ट्रक्चर  से जुड़े मंत्रालयों पर फोकस रहा. मंत्रियों ने अलग-अलग मुद्दो पर अपनी राय भी रखी.

बैंठक में मंत्रालयों के रोडमैप तैयार करने के लिए गभीर रूप से मंथन हुआ. दरअसल, प्रधानमंत्री चाहते हैं कि हर मंत्रालय का अपना विजन होना चाहिए और उसी लिहाज से आज ग्रुप और सेक्रटीज ने प्रजेंटेशन भी दिया. सूत्रों से जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री जल्द ही दूसरी बैठक में बाकी बचे ग्रुप का प्रजेंटेशन देंखेंगे.

दरअसल, लंबा वक्त इसलिए भी लगा कि बैठक में जिन दो ग्रुप के मंत्रालय का प्रजेंटेशन हुआ, उसका विजन डाक्यूमेंट 2024 के लिए क्या हो? कैसा हो? इस पर मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों की भी राय ली गई. जो हुआ उसमें क्या बेहतर हुआ और क्या नहीं और कैसे बदलाव के साथ मंत्रालय में काम की रफ्तार तेज की जा सकती है, कौन-कौन से प्रोजेक्ट प्राथमिकता पर हों? इस पर संबधित मंत्रालय के मंत्री और सेक्रेटरी ने ही नहीं, बल्कि मंत्रिपरिषद में मौजूद सदस्यों ने अपने अपने सुझाव भी दिए. 

साढ़े आठ घंटे की मैराथन बैठक में मंत्रियों को कई नई-नई जानकारियों अलग-अलग मंत्रालयों के बारे में जानने को मिली. पहली बार नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस तरह की मैराथन बैठक की हो. प्रधानमंत्री पिछली सरकार में रिपोर्ट कार्ड के साथ ही आगे की योजनाओं की जानकारी लेते रहे हैं लेकिन ये पहली बार हो रहा है कि अब पीएम ने साफ कह रखा है कि हर मंत्रालय का अपना विजन डाक्यूमेंट 2024 के लिहाज से होना चाहिए और उसको कैसे पूरा किया जायेगा इसकी रूपरेखा भी सामने रखनी चाहिए. 

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काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक सुबह साढ़े दस बजे शुरू हो गई थी और शाम साढ़े सात बजे खत्म हुई. अभी आधे से ज्यादा मंत्रालय का विजन डाक्यूमेंट तय होना बाकी हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभी आधे से ज्यादा मंत्रालय के विजन डाक्यूमेंट पर चर्चा होना बाकी है क्योंकि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मंत्रालय के विजन डाक्यूमेंट को किसी जल्दबाजी में तय नहीं करना चाहते बल्कि ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं जिससे उस मंत्रालय के परिणाम कम से कम 2024 आते-आते सामने आए और उसका जनता को फायदा हो.