मानहानि मामला: प्रशांत भूषण माफी मांगने को तैयार, याचिका वापस लेंगे अटॉर्नी जनरल

प्रशांत भूषण ने कहा कि वह उस ट्वीट के लिए माफी मांगने को तैयार हैं, जिसमें उन्होंने सरकार पर नागेश्वर राव मामले में कोर्ट को झूठी जानकारी देने का आरोप लगाया था. 

मानहानि मामला: प्रशांत भूषण माफी मांगने को तैयार, याचिका वापस लेंगे अटॉर्नी जनरल
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण (फाइल फोटोः WION)

नई दिल्लीः अटार्नी जनरल वेणुगोपाल ने सीबीआई के अंतरिम प्रमुख एम नागेश्वर राव की नियुक्ति पर एक गैर सरकारी संगठन के कार्यकर्ता और वकील प्रशांत भूषण के बयानों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की अर्जी मामले पर आज सुनवाई हुई. प्रशांत भूषण ने अर्ज़ी दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट के जज अरुण मिश्रा से खुद को सुनवाई से अलग करने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने यह मांग ठुकरा दी. 

न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ से अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि भूषण के बयान को देखते हुए वह उनके खिलाफ दायर अपनी अवमानना याचिका वापस लेना चाहेंगे. हालांकि, भूषण ने न्यायालय में एक अर्जी दायर कर न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा से अनुरोध किया कि वह वेणुगोपाल की अवमानना याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग करें.

न्यायमूर्ति मिश्रा को अवमानना याचिका की सुनवाई से अलग होने का अनुरोध करने के लिये भूषण ने पीठ से बिना शर्त क्षमा याचना करने से भी इनकार कर दिया. वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि वह अपने पहले के बयान पर कायम हैं कि वह इस मामले में प्रशांत भूषण के लिये कोई सजा नहीं चाहते हैं.

29 मार्च को होगी मामले की सुनवाई
आज हुई पसुनवाई में कोर्ट ने प्रशांत भूषण की माफी को रिकॉर्ड पर लिया है. कोर्ट ने भूषण से पूछा कि आपने जजों को सुनवाई से हटने के लिए कहा. क्या इस पर भी माफी मांगेंगे. कोर्ट के सवालों पर जवाब देते हुए भूषण ने कहा कि वह इस मामले पर माफी नहीं मांगेंगे. पीठ ने कहा कि इस व्यापक मुद्दे पर विचार किया जायेगा कि क्या कोई व्यक्ति अदालत के विचाराधीन किसी मामले में जनता की राय को प्रभावित करने के लिये न्यायालय की आलोचना कर सकता है. पीठ इस मामले में अब 29 मार्च को आगे सुनवाई करेगी.