BCI की मांग, गोली चलाने वाले पुलिस अधिकारियों की 7 दिन के भीतर हो गिरफ्तारी

बार काउंसिल ऑफ इंडिया का कहना है कि आजाद भारत के इतिहास में यह सबसे काला दिन था.

BCI की मांग, गोली चलाने वाले पुलिस अधिकारियों की 7 दिन के भीतर हो गिरफ्तारी
बीसीआई ने कहा कि अपनी मांगें पूरी होने तक शांतिपूर्ण 'धरना' का सहारा लेंगे.

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के तीस हजारी कोर्ट में शनिवार को हुई वकीलों और पुलिसकर्मियों की झड़प का विवाद बढ़ता ही जा रहा है. बुधवार को वकीलों के समर्थन में उतरी बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने मांग की है कि दोषी पुलिस अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तार किया जाए. हम इन लोगों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शांतिपूर्ण 'धरना' का सहारा लेंगे. 

बीसीआई ने एक बयान जारी करके कहा कि मंगलवार को हमने दिल्ली पुलिस की अनियंत्रित भीड़, विरोध प्रदर्शनों और गंदी गालियों पर मीडिया रिपोर्टों को देखा है. आजाद भारत के इतिहास में यह सबसे काला दिन था. निश्चित रूप से यह एक राजनीतिक रूप से प्रबंधित कदम की तरह लग रहा था जो कि बहुत दुखद है.

बीसीआई की मांगें-

  1. पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन के पीछे किसका हाथ था, उच्च स्तरीय कमेटी से इसकी जांच कराई जाए.
  2. जब तक यह पता नहीं चलता कि 2 नवंबर को हुए तीस हजारी कांड में कौन-कौन पुलिसकर्मी शामिल थे तब तक बार काउंसिल ऑफ इंडिया शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी.
  3. एक हफ्ते के भीतर उन दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई हो.
  4. इस मामले में बार एकजुट रहेगा.
  5. इस बीच जिला बार एसोसिएशन और कॉर्डिनेशन कमेटी को 10 दिन के लिए हड़ताल रद्द करने की गुजारिश करते हैं. अगर 10 दिन में मांगें नहीं मानी जाती हैं तो भविष्य की रूपरेखा तय करेंगे.

क्या है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि शनिवार को तीस हजारी अदालत परिसर में पार्किंग को लेकर एक वकील और कुछ पुलिसकर्मियों के बीच मामूली बहस हो गई, जिससे बाद इसने हिंसा का रूप ले लिया. इस दौरान एक वकील को गोली भी लग गई.

पुलिस का प्रदर्शन
इससे पहले मंगलवार को दिल्ली पुलिस के सैकड़ों कर्मियों ने तीस हजारी अदालत में वकीलों द्वारा उनके सहयोगियों पर हमले के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस कर्मी 'हम न्याय चाहते हैं (वी वॉन्ट जस्टिस)' के नारे लगाते हुए नजर आए. उन्हें शांत करने के लिए पहुंचे पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया.