सेना में की 12 साल तक नौकरी, फिर नटवरलाल बनकर आर्मी के जवानों को ठगने लगा

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसे शातिर नटवरलाल को गिरफ्तार किया है जो सेना के जवानों अपना निशाना बनाता था.

सेना में की 12 साल तक नौकरी, फिर नटवरलाल बनकर आर्मी के जवानों को ठगने लगा
हैरत की बात ये है कि यह शातिर अपराधी खुद भी 12 साल तक भारतीय सेना में नौकरी कर चुका है.

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसे शातिर नटवरलाल को गिरफ्तार किया है जो सेना के जवानों अपना निशाना बनाता था. हैरत की बात ये है कि यह शातिर अपराधी खुद भी 12 साल तक भारतीय सेना में नौकरी कर चुका है. भोले-भाले सेना के जवानों को अपना जाल में फांसने के लिए कभी से मेजर तो कभी कैप्टन बन जाता था. सेना की ओर से शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने इस शातिर नटवर लाल को ट्रैप कर गिरफ्तार किया है. इस शातिर ठग का नाम है हेंमत कुमार जो हापुड़ जिले के पिलखुवा का रहने वाला है. साल 2001 से लेकर साल 2013 तक भारतीय सेना का हिस्सा रहा है लेकिन अपने खराब व्यहार के चलते सेना ने कारवाई की तो ये शख्स फरार हो गया जिसके बाद सेना ने हेमंत को भगोड़ा घोषित कर दिया. हेमंत ने भारतीय सेना को जवानों को ठगने और उनसे वसूली करना शुरू कर दिया. शुरुआती जांच में पुलिस को हेमंत के दो दर्जन से ज्यादा जवानों के साथ ठगी के मामले सामने आया है. 

ऐसे सेना के जवानों को फंसाता था जाल में 
हेमंत सेना में काम करने के दौरान सभी तौर तरिके से वाकिफ था. इसलिए दिल्ली एनसीआर के तमाम रेलवे स्टेशन पर सेना के उन जवानों को अपना निशाना बनाता था, जो सेना में नए-नए भर्ती होकर या छुट्टियों में घर जाने के लिए अपने ट्रेन का इंतजार कर रहे होते थे या फिर छुट्टी से वापस अपने पोस्ट जाने की तैयारी में होते थे. सबसे पहले हेमंत उन जवानों से दोस्ती करता था. फिर उन्हें बताता था कि वो भी मेजर है. किसी को कैप्टन भी बताता था. फिर उन जवानों के साथ चाय नाश्ता कराता था.

ट्रेन आने में वक्त होता तो स्टेशन के नजदीक किसी गेस्ट हाउस या होटल ले जाता. वहां पर उस जवान को नहाने के लिए भेज देता था. फिर उस जवान के पर्स से आई कार्ड या पैसे निकाल लेता था. आई कार्ड इसलिए लेता था क्योंकि अगर सेना के किसी जवान को आई कार्ड गुम हो जाने् पर उनके खिलाफ डिपार्टमेंट डिसीपिलनिरी एक्शन लेती है और कोई भी जवान ऐसे पचड़ो में नहीं फंसना चाहता. इसलिए आई कार्ड के एवज में हेंमत उन जवानों से 40 से 50 हजार रुपये वसूल करता था. इस तरिके से वो ठगी और उगाही के धंधे से पैसे कमाने का नयाब तरीका ढूंढ निकाला था. पुलिस की जांच में पता चला कि दो साल पहले भी इसी तरह से ठगी के आरोप में पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है.