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रविदास मंदिर तोड़े जाने पर दिल्ली में प्रदर्शन जारी, दलित नेता चंद्रशेखर सहित 96 लोग अरेस्ट

मंदिर गिराने के विरोध में दलित समाज ने आंबेडकर भवन से एक रैली निकाली जो रामलीला मैदान होते हुए तुगलकाबाद के लिए रवाना हुई. पुलिस के मुताबिक रैली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की जगह हिंसक झड़प होने लगी. ऐसे में पुलिस ने आंसू गैस और हवाई फायरिंग की.

रविदास मंदिर तोड़े जाने पर दिल्ली में प्रदर्शन जारी, दलित नेता चंद्रशेखर सहित 96 लोग अरेस्ट
दलित नेता चंद्रशेखर दिल्ली में गिरफ्तार किए गए.

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के आदेश पर तोड़े गए रविदास मंदिर के बाद प्रदर्शन जारी है. इस बीच भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर सहित 96 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. चंद्रशेखर और अन्य पर आईपीसी की धारा 147, 149, 186 और 332 के तहत गोविंदपुरी थाने में केस दर्ज किया गया है.

दरअसल, तुगलकाबाद इलाके के संत रविदास के मंदिर को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने गिराने का आदेश दिया था. इसके बाद 10 अगस्त को डीडीए ने इसे गिरा दिया. मान्यता है कि 15वीं शताब्दी के महान संत रविदास यहां तीन दिनों तक ठहरे थे.

मंदिर गिराने के विरोध में दलित समाज ने आंबेडकर भवन से एक रैली निकाली जो रामलीला मैदान होते हुए तुगलकाबाद के लिए रवाना हुई. पुलिस के मुताबिक रैली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की जगह हिंसक झड़प होने लगी. ऐसे में पुलिस ने आंसू गैस और हवाई फायरिंग की.

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पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया. मंदिर को ढहाने के खिलाफ प्रदर्शन में भीम आर्मी के साथ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी शामिल थे. प्रदर्शनकारियों को मंदिर के स्थान तक जाने की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन उन्होंने वहां पहुंचने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी भी की और दीवार फांदकर मंदिर के स्थल तक पहुंचने की कोशिश की.

डीडीए का कहना है कि मंदिर अवैध कब्जा करके बनाया गया है. इसे ढहाने का प्रयास पहले भी किया गया था, लेकिन मामला कोर्ट पहुंच गया. हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि मंदिर को ध्वस्त कर दिया जाए. इसके बाद संत रविदास जयंती समति ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में अर्जी दी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने हाई कोर्ट के फैसले को कायम रखा. हाल में हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के जस्टिस अरुण मिश्र और जस्टिस एम आर शाह ने आदेश दिया कि 13 अगस्त से पहले मंदिर को ध्वस्त कर दिया जाए. डीडीए ने 10 अगस्त को मंदिर ढहा दिया.

तुगलकाबाद के वन क्षेत्र में स्थित संत गुरु रविदास के मंदिर को तोड़ जाने के बाद आसपास के इलाके में पिछले कई दिनों से बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात हैं. बुधवार देर रात आसपास के इलाकों में उस वक्त स्थिति बेकाबू हो गई, जब भीम आर्मी का प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण के नेतृत्व में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने मंदिर की ओर कुच किया. हालांकि, इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस ने इस भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने और आखिराकर जाकिर हुसैन मार्ग, निजामुद्दीन, आश्रम चौक, कैप्टन गौड़ मार्ग होते हुए तुलकाबाद स्थित तोड़े गए मंदिर स्थल पर पहुंचने की कोशिश करने लगे.

दिल्ली पुलिस ने जब हल्का बल प्रयोग किया तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और आसपास के इलाकों में पत्थरबाजी करने लगे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों और सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाया. साथ ही वाहनों के टायरों को आग के हवाले कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने आंसु गैस छोड़े और हवा में गोलियां चलाई. इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर काबू पाया जा सका.

दिल्ली पुलिस के सीनियर ऑफिसर ने बताया कि रविदास मंदिर गिराए जाने के विरोध में प्रदर्शन बुधवार रात को अचानक से हिसंक हो गया था, जिसके कारण पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए. इसके बाद भीम आर्मी का प्रमुख चंद्रशेखर और समेत 96 प्रदर्शनकारियों को बुधवार रात तुगलकाबाद इलाके से हिरासत में लिया गया. उन्होंने बताया कि इन सभी पर दंगा करने, अवैध रूप से एकत्र होने, लोकसेवक को उसका कर्तव्य पूरा करने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आइपीसी के अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. 

अधिकारी ने कहा कि वे इलाके में चौकसी बरत रहे हैं और हालात पर नजर रखे हुए हैं. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के आदेश पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 10 अगस्त को मंदिर गिराया था. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मंदिर स्थल तक जाने की अनुमति नहीं दी थी, जिसके कारण प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए. पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने दो मोटरसाइकिलों में आग लगा दी और कारों एवं पुलिस वाहन में तोड़-फोड़ की.

दहशत में दिखे लोग
तुगलकाबाद एक्सटेशन, गोविंदपुरी, तारा अपार्टमेंट, क्राउन प्लाजा और ओखला में रहने वाले लोगों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ है. गोविंदपुरी में रहने वाले राम बीर सिंह ने बताया कि उन्हें इसका बिलकुल भी आभास नहीं था कि इतनी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी अचानक से इलाके में पहुंच जाएंगे और विरोध करने पर तोड़फोड़ और वाहनों को क्षति पहुंचाने लगेंगे. वहीं लोगों का कहना था कि वह अपने दफ्तर से घर लौट रहे थे, तभी इलाके में लगे जाम में फंस गए काफी मशक्कत के बाद वह घर पहुंचे.