हिसार रेस्क्यू: 45 घण्टे के बाद भी 22 फुट की सुरंग मे फंसा हुआ है डेढ़ साल का नदीम, अब...

नदीम बुधवार शाम को 5 बजे से बोरवेल में फंसा है. नदीम ने कल ही बिस्कुट और फ्रूटी इत्यादि खाई थी. लेकिन फिलहाल जैसे जैसे वक्त बीत रहा है. बच्चे पर यह वक्त भारी पड़ सकता है. 

हिसार रेस्क्यू: 45 घण्टे के बाद भी 22 फुट की सुरंग मे फंसा हुआ है डेढ़ साल का नदीम, अब...
हिसार के डीसी अशोक मीणा ने कहा कि सुरंग के ग्राउंड में जीपीएस मशीन ने काम करना बंद कर दिया था.

हिसार : हिसार के बालसमंद गांव में डेढ़ साल के बच्चे नदीम को बोरवेल से निकालने का रेस्क्यू अभी तक पूरा नहीं हो पाया है. 45 घण्टे नदीम बोरवेल में ही फंसा है. हालांकि सुबह 9 बजे के करीब एक बार ऐसा माहौल बन गया था कि बच्चे का रेस्क्यू पूरा हो गया है और किसी भी वक्त बच्चे को निकाला जा सकता है. मौके पर घेरेबंदी कर दी गई थी, डीसी अशोक मीणा, एसपी शिवचरण भी पहुंच गए थे. लेकिन अचानक मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने दोबारा से घेरा ढीला कर दिया. अधिकारी हट गए, ऐसे में कुछ देर बाद ग्रामीण में चर्चा शुरू हो गई कि रेस्क्यू के लिए खोदी गयी सुरंग टारगेट से भटकी हुई थी.

एनडीआरएफ की टीम कर रही है खुदाई का काम
ऐसे में दोबारा से सुरंग को टारगेट पर पहुंचाने के लिए प्रयास किये जा रहे है. हालांकि डीसी अशोक मीणा ने बताया कि कोई टारगेट नहीं भटका है, बस लोकेश एग्जेक्ट के लिए प्रयास करने के लिए मशीन बुलाई है. एनडीआरएफ और आर्मी की टीम ग्रामीणों के साथ खुदाई में जुटी है. देखते है कि नदीम का रेस्क्यू कितने घण्टों में पूरा हो पाता है. अधिकारी हर पहलू पर नज़र बनाए हुए है. दोपहर के वक्त जियोग्राफी इंस्टूमेंट से पैमाइश की गई है. बताया जा रहा है आधुनिक डायरेक्शन इंस्टूमेंट का भी इस्तेमाल हो रहा है.

बच्चे में वीकनेस के आसार
नदीम बुधवार शाम को 5 बजे से बोरवेल में फंसा है. नदीम ने कल ही बिस्कुट और फ्रूटी इत्यादि खाई थी. लेकिन फिलहाल जैसे जैसे वक्त बीत रहा है. बच्चे पर यह वक्त भारी पड़ सकता है. हालातों की अगर बात करे तो बच्चे में कमजोरी आना भी लाजिमी है. हालांकि ऑक्सीजन जरूर बोरवेल में पहुंचाई गई है. लेकिन समय रहते नदीम निकाल लिया जाए यही बेहतर है. वहीं, रेस्क्यू के बाद के प्रबन्ध की अगर बात की जाए तो विशेष एम्बुलेंस तैनात है. ताकि नदीम को रेस्क्यू के बाद अस्पताल ले जाया जा सके. 

22 फ़ीट बनानी थी सुरंग
बोरवेल के नज़दीक खोदे गए 60 फ़ीट गड्ढे से बोरवेल तक 22 फ़ीट की सुरंग बनाई गई थी. सुरंग के लिए ही बोरवेल से 22 फिट की दूरी पर गड्डा खोदा गया था. गुरुवार रात के वक्त 1 घण्टे में आधा फ़ीट खुदाई हो रही थी, लेकिन आज दिन के वक्त काम मे तेजी आई और 1 घण्टे में 1 फ़ीट की एवरेज आ रही थी. उम्मीद जल्द ही ऑपरेशन पूरा होगा. हालांकि ऑपरेशन में देरी क्यों हुई हैज़ इस पर कोई बोलने को तैयार नहीं है. लेकिन इतना साफ है जैसे जैसे बोरवेल के नज़दीक टीम पहुंच रही है तो मिट्टी के कटाव से बचाव के लिए कार्य को संजीदगी से धीरे-धीरे किया जा रहा है.

जीपीएस मशीन का चक्कर पड़ा
हिसार के डीसी अशोक मीणा ने कहा कि सुरंग के ग्राउंड में जीपीएस मशीन ने काम करना बंद कर दिया था. प्रशासन ने मौके पर टोटेल स्टेशन मशीन से एग्जेक्ट लोकेशन पता करने की कारवाई शुरू की. अभी कुछ देर में रेस्क्यू दोबारा शुरू हो जाएगा. इसी मशीन से पता लगेगा कि आखिर कितनी खुदाई बची है. बच्चे को आज खाना या कुछ भी नहीं दिया है. मामले पर डीसी अशोक मीणा ने बताया कि बच्चा स्वस्थ है. वो एक्टिविटी भी कर रहा है. उसे हम ज्यादा डिस्टर्ब नहीं करना चाहते, क्योंकि गीली मिट्टी गिरने का रिस्क भी है.