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जज साहब! मुझे मेरे पति से बचाइए, वह आदतन मुकदमेबाज है...

महिला ने कहा है कि इन शिकायतों में उनके ऊपर धन शोधन से लेकर देह व्यापार, यहां तक कि आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाये गए, क्योंकि वह उससे तलाक चाहती थी. हाईकोर्ट ने अधिवक्ता संजय घोष को मामले में न्याय मित्र नियुक्त किया.

जज साहब! मुझे मेरे पति से बचाइए, वह आदतन मुकदमेबाज है...
पति-पत्नी के झगड़े का एक अनोखा मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा है.

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट में एक अजीबोगरीब याचिका दाखिल हुई है. यह याचिका एक महिला वकील ने दाखिल की है. उन्होंने याचिका में कहा है कि उनके पति आदतन मुकदमेबाज हैं. आरोप है कि महिला का पति आए दिन झूठी और मनगढ़ंत आपराधिक शिकायतें दर्ज कराने का आरोप लगाया है. जस्टिस विभू बाखरू के समक्ष दाखिल याचिका में महिला वकील ने कहा है कि उनका पति उनके और उनके परिवार वालों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराईं हैं. 

कोर्ट ने न्याय मित्र नियुक्त किया
महिला ने कहा है कि इन शिकायतों में उनके ऊपर धन शोधन से लेकर देह व्यापार, यहां तक कि आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाये गए, क्योंकि वह उससे तलाक चाहती थी. हाईकोर्ट ने अधिवक्ता संजय घोष को मामले में न्याय मित्र नियुक्त किया. हाईकोर्ट ने घोष से यह बताने के लिए कहा है कि इसमें मामले में क्या उचित हो और याचिकाकर्ता को क्या राहत दी जाए.

पति ने पत्नी के रिश्तेदारों पर 22 मुकदमे किए
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता महिला के पति ने पुलिस, सीबीआई और रॉ सहित विभिन्न जांच एजेंसियों में उसके (महिला) और उसके परिजनों के खिलाफ 22 शिकायतें दर्ज कराईं हैं. इनमें उनपर कालाधन जमा करने, देह व्यापार, धनशोधन, कर चोरी और आतंकी गतिविधियों जैसे अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया गया.

महिला ने हाईकोर्ट से अपने पति को उनके और उनके परिवार वालों के खिलाफ बेवजह शिकातयें दाखिल करने पर रोक लगाने की मांग की है. हालांकि हाईकोर्ट ने मामले में फिलहाल किसी तरह का अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है. महिला ने कहा है कि उसके पति ने ये शिकायतें 2014 में तब दाखिल करना शुरू किया जब उसने प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के आधार पर तलाक लेने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया.