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गुजरात में मेट्रों के शुरू होने पर विपक्षी नेताओं ने उठाए सवाल

पिछली 4 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने अहमदाबाद में सिर्फ 6.5 कीलोमीटर रूट का उद्घाटन किया था.

गुजरात में मेट्रों के शुरू होने पर विपक्षी नेताओं ने उठाए सवाल
पीएम मोदी ने वस्त्राल गांव से एपरल पार्क स्टेशन के 6.5 कीलोमीटर रूट का उदघाटन किया था. (फाइल फोटो)

गांधीनगरः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के होम स्टेट गुजरात में पहली मेट्रो ट्रेन शरू हो गई है, लेकिन इसको लेकर भी जमकर राजनीति शरू हो गई है. अहमदाबाद के ईस्ट-वेस्ट कॉरीडोर के 21.13 कीलोमीटर में से केवल 6.5 किलो मीटर रूट पर शरू की गइ मेट्रो सेवा को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर लोगों को चुनाव के साल में ललचाने का आरोप लगाया है. साथ ही कांग्रेस ने इस प्रोजेक्ट में हुए भ्रष्टाचार को लेकर भी भाजपा पर कड़ा हमला किया है. गौरतलब हो कि, पिछली 4 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने अहमदाबाद में सिर्फ 6.5 कीलोमीटर रूट का उद्घाटन किया, जिस रूट पर मेट्रो दौड़ रही है. इस रूट में 6 में से 4 स्टेशन अभी तैयार भी नही हुए हैं.

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बता दें वस्त्राल गांव मेट्रो स्टेशन पर हरी झंडी दिखाने के बाद पीएम मोदी और गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने ट्रेन मे सफर भी किया था. जिसके बाद 6 मार्च से 14 मार्च तक लोग बगैर किसी टिकट के मेट्रो मे सफर कर सके. जिसके बाद 15 मार्च से मेट्रो की कॉमर्शियल सेवा शूरू हो गई. ऐसे में एक हकीकत यह भी है कि भले पीएम मोदी ने वस्त्राल गांव से एपरल पार्क स्टेशन के 6.5 कीलोमीटर रूट का उदघाटन किया हो, पर इस रूट पर आए हुए 6 मे से 4 स्टेशन अभी भी मुसाफरों के लिए तैयार नहीं हैं. इसी को लेकर स्थानीय लोग और कांग्रेस, भाजपा और गुजरात मेट्रो के अफसरों पर चुनाव के साल में लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगा रही है.

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कांग्रेस का कहना है कि जब 4 स्टेशन अभी तैयार ही नहीं हो सके हैं तो मेट्रो सेवा शुरू ही क्यों की गई. मेट्रो प्रोजेक्ट में शूरू से ही काफी भ्रष्टाचार सामने आ चुका है. जिस में राज्य सरकार के ही एक अफसर को जेल भी हो चुकी है. लोग भी यही कह रहे हैं कि हमारे लिए ये रूट किसी काम का नहीं है. क्योंकि अगर उनको मेट्रो ट्रेन मे सफर करना है, तो उनको अपने घर से 4 किलो मीटर दूर के स्टेशन पर जाना पडता है. बता दें 6 में से चार स्टेशन का तकरीबन 30 से 40 प्रतिशत काम बाकी है. फिर भी चुनाव के इस साल में प्रधानमंत्री मोदी के हाथों इस अधूरे रूट का लोकापर्ण कर दिया गया. जिससे जनता इसका काफी विरोध कर रही है.