शहीद की मुखाग्नि से एक घंटे पहले हुआ बेटी को जन्म, पत्नी की इच्छा बेटी भी करे सेना ज्वाइन

इस दौरान भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सेना के दस्ते ने शहीद रणजीत सिंह को आखिरी सलामी दी जिसके बाद भाई ने मुखाग्नि दी .

शहीद की मुखाग्नि से एक घंटे पहले हुआ बेटी को जन्म, पत्नी की इच्छा बेटी भी करे सेना ज्वाइन

रामबनः देश की रक्षा करते हुए रामबन के वीर सपूत शहीद लांस नायक रणजीत सिंह के घर बेटी का जन्म हुआ जब पिता का पार्थिव शरीर घर में था तब उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शिमू देवी ने जिला अस्पताल रामबन में सुबह 5 बजे के लगभग प्यारी सी गुड़िया को जन्म दिया लेकिन पिता अपनी गुड़िया को नहीं देख पाए जिसका गम पूरे परिवार को है . शहीद की पत्नी ने कहा, 'मैं चाहती हूं कि मेरी बेटी भी अपने पिता की तरह आर्मी ज्वाइन करे और देश की सेवा करे'

इस मौके पर जिला अस्पताल रामबन के गाइनेकोलॉजिस्ट डाक्टर दिनेश कुमार ने कहा कि शहीद की पत्नी को सोमवार रात 11 के लगभग एंबुलेंस द्वारा यहां पहुंचाया गया जिसके बाद अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से उनकी देखभाल में जुट गया आखिर में सुबह 5 बजे शहीद की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया .

उन्होंने कहा कि मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं उनका पूरा ध्यान रखा जा रहा है समय अनुसार दवाईयां जी जा रही है और उन दोनों के स्वस्थ होने के मुताबिक कल तक अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी .

डॉक्टर ने कहा कि इस दुख की घड़ी में जिला अस्पताल रामबन प्रशासन उनके साथ है और हमारी ओर से दोनों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई .

बता दें कि मंगलवार को शहीद रणजीत सिंह का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया जहां भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों, विधायक रामबन और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी. इस दौरान भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सेना के दस्ते ने शहीद रणजीत सिंह को आखिरी सलामी दी जिसके बाद भाई ने मुखाग्नि दी .

वहीं शहीद लांस नायक रणजीत सिंह की पत्नी ने आज सुबह 5 बजे के लगभग बेटी को जन्म दिया वहीं दोपहर 12 बजे के करीब एंबुलेंस के द्वारा शहीद रणजीत सिंह की पत्नी बेटी के साथ श्रद्धांजलि देने पहुंची जिसके बाद नम आंखों से श्रद्धांजलि दी एवं अंतिम दर्शन किए .