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छत्तीसगढ़ः सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी, 5 लाख की ईनामी महिला नक्सली गिरफ्तार

एसपी अभिषेक पल्लव ने महिला नक्सली के पकड़े जाने की खबर की पुष्टी करते हुए बताया कि महिला नक्सली मलंगर एरिया कमेटी की सदस्य है, जिसका नाम कोसी उर्फ मंगली है. कोसी पर 5 लाख का ईनाम घोषित था. 

छत्तीसगढ़ः सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी, 5 लाख की ईनामी महिला नक्सली गिरफ्तार
हत्या और लूट के मामलों में आरोपी थी महिला नक्सली

नई दिल्लीः छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में मंगलवार को रेवाली ताड़पारा इलाके में दबिश देकर सुरक्षा बलों ने खूंखार महिला माओवादी को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि पकड़ी गई महिला माओवादी पर 5 लाख का ईनाम था. रेवाली ताड़ापारा से गिरफ्तार की गई इस महिला नक्सली पर कई संगीन मामले दर्ज हैं. एसपी अभिषेक पल्लव ने महिला नक्सली के पकड़े जाने की खबर की पुष्टी करते हुए बताया कि महिला नक्सली मलंगर एरिया कमेटी की सदस्य है, जिसका नाम कोसी उर्फ मंगली है. कोसी पर 5 लाख का ईनाम घोषित था. 

एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि महिला नक्सली पर 12 सुरक्षा बलों की हत्या के मामले में आरोपी है और चोलनार और मैलावाड़ा ब्लास्ट में भी वह मुख्य आरोपी है. अरनपुर पुलिस और DRG की एक टीम ने संयुक्त ऑपरेशन के जरिए मंगली उर्फ कोसी को गिरफ्तार किया है. महिला नक्सली की गिरफ्तारी को लेकर एक विज्ञप्ति भी जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि महिला नक्सली किन-किन मामलों में आरोपी है. 

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इस विज्ञप्ति के अनुसार गिरफ्तार महिला नक्सली ने साल 2013 में अपने अन्य सशस्त्र माओवादियों के साथ मिलकर किरंदुल एस्सार के पास ट्रकों में आग लगाकर क्षतिग्रस्त कर दिया था और साथ ही पुलिस पर भी फायरिंग की थी. 13.4.2015 में चोलनार कैंप से किरंदुल आ रहे पुलिस के एंटी लैंड माइन वाहन को बम बिस्फोट में उड़ाने और सुरक्षा बलों पर फायरिगं की घटना में भी वह शामिल थी. महिला नक्सली ने 2015 में फिर सर्चिंग पर निकली पुलिस की टीम पर फायरिंग की थी, जिसमें 4 महिला माओवादी भी मारी गई थीं.

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इसके अलावा 2015 में ही बण्डीपारा के पूर्व सरंपच की हत्या के मामले में भी वह शामिल थी. वहीं 28.7.2015 में उसने फिर लूट और हत्या के इरादे से पुलिस पर फायरिंग की. 31.03.2016 को कुआकोण्डा-सुकमा मार्ग में मैलावाड़ा के पास सीआरपीएफ के वाहन को ब्लास्ट में उड़ाने की घटना में भी मंगली शामिल थी. इस घटना में सीआरपीएफ के 7 जवान शहीद हो गए थे.