जब मजाक-मजाक में बोले CM कमलनाथ, 'नदी के पानी के लिए गोंदिया MP में मिल जाए'

मध्यप्रदेश इस मांग को स्वीकार करे, अन्यथा अच्छा विकल्प है कि आप गोंदिया को मध्यप्रदेश में मिला दें तब आपको अनुरोध नहीं करना होगा.

जब मजाक-मजाक में बोले CM कमलनाथ, 'नदी के पानी के लिए गोंदिया MP में मिल जाए'
स्वर्गीय मनोहर भाई पटेल की 113वीं जयंती पर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे मुख्यमंत्री कमलनाथ.(फाइल फोटो)

नागपुरः मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार को महाराष्ट्र दौरे पर थे, जहां वह भंडारा-गोंदिया के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में स्वर्गीय मनोहर भाई पटेल की 113वीं जयंती पर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे. कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री कमलनाथ ने डीबी साइंस कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में दीप प्रज्वलित किया जिसके बाद कार्यक्रम शुरू किया गया. ऐसे में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मजाक-मजाक में कहा कि अगर गोंदिया जिला उनके राज्य का हिस्सा बन जाता है तो उसे वैनगंगा नदी के पानी के लिए अनुरोध नहीं करना होगा. 

शपथ लेते ही कमलनाथ के दो बड़े फैसले, क‍िसानों का कर्ज माफ, कन्‍या विवाह की राश‍ि 51 हजार की

राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री से जिले के लिए वैनगंगा और बाघ नदियों से पानी छोड़ने का अनुरोध करते हुए कहा कि यदि कंकोरनी में वैनगंगा पर बैराज बना दिया जाता है तो आधा पानी मध्यप्रदेश का बालाघाट जिला और बाकी गोंदिया इस्तेमाल कर सकता है. इस पर कमलनाथ ने मजाक मजाक में कहा, ''दो विकल्प हैं. पहला, मध्यप्रदेश इस मांग को स्वीकार करे, अन्यथा अच्छा विकल्प है कि आप गोंदिया को मध्यप्रदेश में मिला दें तब आपको अनुरोध नहीं करना होगा.'' बता दें पूर्वी महाराष्ट्र का गोंदिया जिला मध्यप्रदेश की सीमा से सटा है, जिसके चलते मुख्यमंत्री ने यह बात कही.

भोपाल दौरे से पहले लगे 'रामभक्‍त' राहुल गांधी के बैनर, कमलनाथ को बताया 'हनुमान भक्‍त'

बता दें भंडारा-गोंदिया के इंजीनियरिंग कॉलेज में स्वर्गीय मनोहर भाई पटेल की 113वीं जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कमलनाथ के अलावा अभिनेता संजय दत्त, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद प्रफुल्ल पटेल, मध्य प्रदेश विधानसभा की उपाध्यक्ष हिना कांवरे और खनिज संसाधन मंत्री प्रदीप जायसवाल भी मौजूद थे. यहां स्वर्गीय मनोहर भाई पटेल का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राजनैतिक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि उन्होंने राजनीति को माध्यम बनाया था. (इनपुटः भाषा से भी)