close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

इमरती देवी का मजाक उड़ाए जाने पर बोले सिंधिया- 'लोगों में नहीं बची है संवेदनशीलता'

 इमरती देवी का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि 'जो लोग इमरती देवी का मजाक उड़ा रहे हैं, उनमें जरा सी भी संवेदनशीलता नहीं है.'

इमरती देवी का मजाक उड़ाए जाने पर बोले सिंधिया- 'लोगों में नहीं बची है संवेदनशीलता'
ज्योतिरादित्य सिंधिया (फाइल फोटो)

ग्वालियरः मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में शिरकत करने पहुंची मुख्य अतिथि प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी के मुख्यमंत्री का संदेश न पढ़ पाने पर उनका मजाक उड़ाए जाने को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जमकर आलोचना की है. सोमवार को ग्वालियर पहुंचे सिंधिया से जब इस बारे में सवाल किए गए तो उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा. इमरती देवी का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि 'जो लोग इमरती देवी का मजाक उड़ा रहे हैं, उनमें जरा सी भी संवेदनशीलता नहीं है.'

VIDEO: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनकर पहुंची थीं मंत्री इमरती देवी, CM का संदेश पढ़ने में हालत हुई खराब

इमरती देवी का बचाव करते हुए उन्होंने आगे कहा कि 'गणतंत्र दिवस के मौके पर जब इमरती देवी कार्यक्रम स्थल पर पहुंची थीं तब उनकी तबीयत खराब थी, जिसके चलते वह मुख्यमंत्री का संदेश नहीं पढ़ पाईं. तबीयत के चलते वह काफी परेशान थीं. क्या हमारे देश और प्रदेश में जरा भी संवेदनशीलता नहीं बची है, जो लोग उनका इस तरह से मजाक उड़ा रहे हैं.' बता दें इमरती देवी सिंधिया की काफी बड़ी समर्थक मानी जाती हैं. सिंधिया का समर्थन करते हुए ही इमरती देवी ने कहा था कि 'सिंधिया जी कहेंगे तो हम झाड़ू लगाने से भी पीछे नहीं हटेंगे.'

मुख्य आयकर आयुक्त ने दी चाटुकार अफसरों को नसीहत- 'सत्ता बदलते ही कचरे की तरह फेंक दिए जाएंगे'

बता दें महिला एवं बाल विकास मंत्री 26 जनवरी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए एसएफ ग्राउंड पहुंची थीं. वह यहां मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुई थीं, ऐसे में मुख्यमंत्री का संदेश पत्र उन्हें ही पढ़ना था, लेकिन जैसे ही उन्होंने संदेश पढ़ना शुरू किया वह असहज हो गईं और संदेश नहीं पढ़ पाईं. बता दें इमरती देवी डबरा सीट से विधायक हैं और वर्तमान में प्रदेश की महिला एवं बाल-विकास मंत्री हैं. वह कांग्रेस महासचिव सिंधिया की खास मानी जाती हैं. बता दें सिंधिया के मुख्यमंत्री बनने की मांग प्रदेश में इमरती देवी ने ही उठाई थी.