close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

श्योपुर में मूसलाधार बारिश से बिगड़े हालात, खतरे के निशान से 10 फीट ऊपर बह रही है चंबल नदी

पार्वती नदी के उफान पर होने से नदी का पानी पुल से 40 फीट पानी उपर बह रहा है. जिससे नदी का पानी कई गांवों तक पहुंच गया है. वहीं कुआंजापुर का पुल भी भारी बारिश की चपेट में आ गया है .

श्योपुर में मूसलाधार बारिश से बिगड़े हालात, खतरे के निशान से 10 फीट ऊपर बह रही है चंबल नदी
पार्वती नदी खतरे के निशान से 10 फीट ऊपर से बह रही है, जिससे खतौली और सुरथाग पुल भी पानी में समा गए हैं.

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश में इन दिनों बारिश कहर बनकर लोगों पर बरस रही है. लगातार जारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे अभी तक कई लोगों की जान भी जा चुकी हैं. ऐसे में श्योपुर में भी हालात कुछ ठीक नहीं है. यहां कोटा डैम से पानी छोड़े जाने के बाद चंबल नदी उफान पर है और खतरे के निशान से 10 फीट ऊपर बह रही है. यही नहीं पार्वती नदी भी खतरे के निशान तक पहुंचने वाली है. लगातार हो रही बारिश से श्योपुर में ऐसे हालात बन गए हैं कि यह टापू बन गया है.

पार्वती नदी के उफान पर होने से नदी का पानी पुल से 40 फीट पानी उपर बह रहा है. जिससे नदी का पानी कई गांवों तक पहुंच गया है. वहीं कुआंजापुर का पुल भी भारी बारिश की चपेट में आ गया है और पानी पुल से 9 फुट ऊपर बह रहा है. पाली घाट की नदी भी उफान पर है और कुनो नदी का पुल डूब चुका है. जिससे शहर के चारो तरफ के रास्ते बंद हो गए हैं और श्योपुर टापू में तब्दील हो गया है.

देखें लाइव टीवी

ऐसे में राहत बचाव दल लगातार लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में जुटा है. बता दें पार्वती नदी खतरे के निशान से 10 फीट ऊपर से बह रही है, जिससे खतौली और सुरथाग पुल भी पानी में समा गए हैं. ऐसे में श्योपुर-कोटा और श्योपुर-बारां हाइवे भी पूरी तरह से ठप्प हो गया है और इसके चलते राजस्थान से श्योपुर का संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है. श्योपुर से सवाई माधोपुर जाने वाला नेशनल हाईवे भी दांतरदा गांव की पुलिया के डूब जाने से बंद पड़ा है.

MP: भारी बारिश के बाद उफनती सिंध नदी बीच फंसे 118 लोग, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला

ऐसे ही हालात शिवपुरी में भी हैं, जहां सिंध नदी उफान पर होने की वजह से बदरवास के पांच गांव पूरी तरह से पानी में समा गए हैं, जिसमें आदिवासी बस्ती में कई परिवार फंस गए हैं. ऐसे में एसडीआरएफ की टीम दो दिनों से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है और अभी तक सैकड़ों लोगों को पानी की चपेट से बाहर निकाल चुकी है.