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MP: विदिशा के विकास पचौरी ने लगातार 80 घंटे बोलकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराया नाम

इंडिया बुक रिकॉर्ड की जूरी के मेंबर प्रदीप जैन ने सार्वजनिक रूप से इसकी घोषणा की और कलेक्टर ने बाकायदा इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र भी पढ़ा.

MP: विदिशा के विकास पचौरी ने लगातार 80 घंटे बोलकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराया नाम
विकास पचौरी ने 79 घंटे के लिए कहा था लेकिन इन्होंने 79.30 नॉनस्टॉप बोलते हुए पूरा किया.

विदिशाः मध्य प्रदेश के विदिशा शहर का नाम आज इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है. यह केस समाजसेवी विकास पचौरी ने लगातार 80 घंटे दिन रात बोलते हुए यह रिकॉर्ड बनाया है. पिछला रिकॉर्ड 79 घंटे का नेपाल देश के नाम था. शहर के समाजसेवी जो एक देह दानी भी हैं और जो निशुल्क अपने वाहन से शवों को अंतिम क्रिया के लिए मुक्तिधाम लेकर जाते हैं. साथ ही लोगों को देहदान दान के लिए प्रेरित भी करते हैं. अनेकों लोगों के देहदान और नेत्रदान के संकल्प भरवा चुके विकास पचौरी ने 30 सितंबर से एक अनूठे रिकॉर्ड की ओर अपने कदम बढ़ाए और वह 30 सितंबर से दोपहर 12:00 बजे से आज 3 अक्टूबर तक लगातार 80 घंटे बोलते रहे.

लगातार 80 घंटे बोलते हुए विकास चौधरी ने पिछले इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए नया इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवा दिया है. विकास पिछले 30 सितंबर से एक स्थानीय गार्डन में अपने प्रदर्शन को पूरा कर रहे थे और शहर के लोग हौसला अफजाई को भी पहुंच रहे थे. जिसमें सांसद से लेकर विधायक अनेकों जनप्रतिनिधि कलेक्टर एसपी अनेकों समाजसेवी विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग और आमजन लगातार उनका उत्साहवर्धन कर रहे थे और आज वह घड़ी भी आ गई जब विकास नए रिकॉर्ड बनाते हुए पिछले रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया. 

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इंडिया बुक रिकॉर्ड की जूरी के मेंबर प्रदीप जैन ने सार्वजनिक रूप से इसकी घोषणा की और कलेक्टर ने बाकायदा इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र भी पढ़ा. इन 4 दिनों में विकास पचौरी को हर घंटे में 5 मिनट आराम के दिए जाते थे, साथ ही उनकी नित्य क्रिया के लिए भी समय निर्धारित था वहां भी माइक लेकर ही जाना पड़ता था. विकास पचौरी ने मीडिया से चर्चा में बताया कि मेरी सफलता को मैं अपने विदिशा के नाम करता हूं और विदिशा के लोगों का उत्साह ही मुझे इस रिकॉर्ड को बनाने में सहायक हुआ. वहीं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के जूरी मेंबर प्रदीप जैन ने भी कहा कि आज से विदिशा के विकास पचौरी इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के परिवार के सदस्य बन गए हैं.

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इस उपलब्धि पर विकास पचौरी का कहना है कि, मैं अपनी खुशी को सारे विदिशा वासियों की उपलब्धि मानता हूं. क्योंकि यह जो भी उपलब्धि मिली है, यह सब कुछ विदिशा वासियों के किए गए उत्साह का परिणाम है. इसको विदिशा के नाम ही करता हूं यह मेरे शहर का कार्ड है. इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के जूरी प्रदीप जैन का कहना है कि इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड अपने आप में भारत के लोगों को आगे बढ़ाने के लिए और ऐसी प्रतिभाओं को वापस निखारने के लिए हमने यह रिकॉर्ड बनाया है, जो कि विकास पचौरी ने 79 घंटे के लिए कहा था लेकिन, इन्होंने 79.30 नॉनस्टॉप बोलते हुए पूरा किया.