शिवराज-'महाराज' की नई टीम, 20 कैबिनेट और 8 राज्यमंत्रियों ने ली शपथ

गुरुवार को 28 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. मंत्रिमंडल विस्तार में ज्योतिरादित्य समर्थकों का एक तरह से दबदबा है, सिंधिया के गुट के करीब दर्जनभर नेताओं को मंत्री बनाया गया है.  

शिवराज-'महाराज' की नई टीम, 20 कैबिनेट और 8 राज्यमंत्रियों ने ली शपथ

भोपाल: आखिरकार 71 दिन बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का पहला विस्तार हो गया. कार्यक्रम से पहले शिवराज ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को 20 कैबिनेट और 8 राज्यमंत्रियों की लिस्ट सौंपी थी. इसमें
गोपाल भार्गव, विजय शाह, जगदीश देवड़ा, बिसाहूलाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, भूपेंद्र सिंह, एंदल सिंह कंसाना और बृजेंद्र प्रताप सिंह कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली. वहीं विश्वास सारंग, इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, ओम प्रकाश सकलेचा, उषा ठाकुर, प्रेम सिंह पटेल, हरदीप सिंह डंग, महेंद्र सिंह सिसोदिया, अरविंद सिंह भदौरिया, डॉ. मोहन यादव और राज्यवर्धन सिंह ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली.

इसके बाद भारत सिंह कुशवाह, इंदर सिंह परमार, रामखिलावन पटेल, रामकिशोर कांवरे, बृजेंद्र सिंह यादव, गिर्राज दंडोदिया, सुरेश धाकड़ और ओपीएस भदौरिया ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली. 

सबसे पहले सागर की रहली विधानसभा सीट से विधायक गोपाल भार्गव ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद हरसूद सीट से विधायक विजय शाह ने शपथ ली. मल्हारगढ़ से विधायक जगदीश देवड़ा ने ली शपथ लिया. ज्योतिरादित्य सिंधिया के कोटे से पूर्व विधायक बिसाहू लाल सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद खुरई से विधायक भूपेंद्र सिंह को मंत्रीपद की शपथ प्रभारी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिलाई.

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इसके बाद सुमावली सीट से पूर्व विधायक एंदल सिंह कंसाना ने विधायक पद की शपथ ली. कंसाना को दिग्विजय सिंह का बेहद करीबी माना जाता है. कमलनाथ सरकार में मंत्री पद न मिल पर पार्टी छोड़ दी थी. इसके बाद पन्ना से बीजेपी विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली. नरेला सीट से विधायक विश्वास सांरग ने मंत्री पद की शपथ ली.

वहीं कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आईं इमरती देवी ने मंत्री पद की शपथ ली. डबरा सीट से इमरती देवी विधायक रह चुकी हैं और ज्योतिरादित्य सिंधिया करीबी हैं. इसके बाद एक और सिंधिया समर्थक पूर्व विधायक प्रभुराम चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली.

कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे सिंधिया समर्थक महेंद्र सिंह सिसोदिया ने शिवराज सरकार में मंत्री पद की शपथ ली. महेंद्र सिंह सिसोदिया भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस से बीजेपी में आए गए थे. सिंधिया के कट्टर समर्थकों में से एक प्रद्युमन सिंह तोमर ने मंत्री पद की शपथ ली. इन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है. प्रद्युमन सिंह तोमर कमलनाथ सरकार में भी मंत्री थे.

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प्रद्युम्न तोमर के बाद बीजेपी के आदिवासी नेता प्रेम सिंह पटेल ने मंत्री पद की शपथ ली. जायद सीट से बीजेपी विधायक ओम प्रकाश सखलेचा को मंत्री बनाया गया है. वहीं महू सीट से विधायक ऊषा ठाकुर ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली. भिंड जिले की अटेर सीट से विधायक अरविंद सिंह भदौरिया को भी मंत्री बनाया गया है.

उज्जैन से बीजेपी विधायक मोहन यादव को शिवराज सरकार में जगह मिली है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में आए हरदीप सिंह डंग को राज्यमंत्री पद की शपथ ली. कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए राज्यवर्द्धन सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली. वह बदनावर से विधायक रहे हैं.

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ग्वालियर ग्रामीण से विधायक भारत सिंह कुशवाहा ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद शुजालपुर से विधायक इंदर सिंह परमार ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली. अमरपाटन से विधायक राम खेलावन पटेल ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली. कांग्रेस से बीजेपी में आए रामकिशोर को भी राज्यमंत्री बनाया गया है.

ब्रजेंद्र सिंह यादव ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली. कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए गिर्राज दंडोतिया ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली. ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास सुरेश धाकड़ ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली. आखिर में ओपीएस भदौरिया ने मंत्री पद की शपथ ली. उन्हें शिवराज सरकार में राज्यमंत्री बनाया गया है.

पुराने चेहरों में पारस जैन, गौरीशंकर बिसेन, रामपाल सिंह, राजेंद्र शुक्ला, संजय पाठक, जालम सिंह पटेल और सुरेंद्र पटवा को लेकर सहमति नहीं बनी. ये पिछली शिवराज सरकार में मंत्री थे.