MP: सूर्यपुत्री को ठंड से बचाने के लिए पहनाया गया स्वेटर, ओढ़ाई शॉल

मंदिर के पुजारी पंकज तिवारी ने बताया कि हम हर साल अधिक सर्दी पड़ने पर मां ताप्ती को गर्म कपड़े पहनाते हैं, ताकि सर्दी से बचाव हो सके. 

MP: सूर्यपुत्री को ठंड से बचाने के लिए पहनाया गया स्वेटर, ओढ़ाई शॉल
मान्यता है कि यदि मां ताप्ती को गर्म कपड़े पहनाए जाते हैं तो, क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा जैसे ओलावृष्टि आदि नही होती है.

इरशाद हिंदुस्तानी/बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है. सर्दी का असर इंसान के साथ-साथ अब भगवान पर भी दिखाई दे रहा है. बैतूल जिले के मुलताई में इन दिनों सूर्य पुत्री मां ताप्ती को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनाए जा रहे हैं. मां ताप्ती को शॉल, ऊनी वस्त्र के साथ-साथ ऊनी टोपा और मफलर भी ठंड से बचाव के लिए पहनाया गया है. जो इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. हर दिन रात में आरती के बाद मां ताप्ती को गर्म कपड़े पहनाकर दूध और फल का भोग लगाया जा रहा है.

मंदिर के पुजारी पंकज तिवारी ने बताया कि हम हर साल अधिक सर्दी पड़ने पर मां ताप्ती को गर्म कपड़े पहनाते हैं, ताकि सर्दी से बचाव हो सके. उन्होंने बताया कि मंदिर में जब किसी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हो जाती है, तो उस प्रतिमा में प्राण बसते हैं. इसलिए मां ताप्ती के स्नान, भोग, विश्राम, शयन सहित सभी दिनचर्या हमारी पूजन व्यवस्था में शामिल रहती है. इसी तरह जब अधिक सर्दी पड़ती है, तो उस समय भी हम मां ताप्ती को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनाते हैं, ताकि देवी की प्रतिमा को सर्दी न लगे.

मान्यता है कि यदि मां ताप्ती को गर्म कपड़े पहनाए जाते हैं तो, क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा जैसे ओलावृष्टि आदि नही होती है. बता दें कि मुलताई ताप्ती नदी की उदगम स्थली है, यहां ताप्ती को जीवनदायनी के रूप हर कोई पूजता है. बता दें कि बीते कुछ दिनों में जिले के तापमान में गिरावट आने लगी है, जिससे ठंड बढ़ने लगी है. जिले में कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री के बीच तो, वहीं अधिकतम तापमान 22 से 23 डिग्री के बीच पहुंच गया है.