दमोह उपचुनावः इधर कांग्रेस ने किया प्रत्याशी का ऐलान, उधर बीजेपी ने चल दिया बड़ा दांव, जानिए क्या है समीकरण

दमोह उपचुनाव के लिए आज कांग्रेस ने अजय टंडन को प्रत्याशी बनाया है. कांग्रेस ने जैसे ही प्रत्याशी का ऐलान किया उसके कुछ देर बाद ही बीजेपी ने शिवराज सरकार में कद्दावर मंत्री को दमोह उपचुनाव का प्रभारी नियुक्त कर दिया. 

दमोह उपचुनावः इधर कांग्रेस ने किया प्रत्याशी का ऐलान, उधर बीजेपी ने चल दिया बड़ा दांव, जानिए क्या है समीकरण
फाइल फोटो

भोपालः दमोह विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने भी प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है. जबकि बीजेपी की तरफ से राहुल सिंह लोधी के नाम पर पहले ही मुहर लग चुकी है. ऐसे में अब दमोह में बीजेपी ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. बीजेपी ने शिवराज सरकार में कद्दावर मंत्री को दमोह उपचुनाव का प्रभारी नियुक्त किया है.  

गोपाल भार्गव को बनाया दमोह उपचुनाव में प्रभारी 
दरअसल, बीजेपी ने दमोह उपचुनाव के लिए संगठनात्मक रूप से मंत्री भूपेंद्र सिंह को उपचुनाव के लिए प्रभारी पहले ही नियुक्त कर दिया था. लेकिन अब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने मंत्रिमंडल के वरिष्ठ  सदस्य के तौर पर वरिष्ठ मंत्री  गोपाल भार्गव को उपचुनाव प्रभारी नियुक्त किया है. बताया जा रहा है कि उपचुनाव के लिए प्रभारी बनाए गए दोनों मंत्री जल्द ही दमोह में सक्रिय हो जाएंगे. 

बीजेपी का बड़ा चेहरा हैं गोपाल भार्गव
दरअसल, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने अजय टंडन को दमोह उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया है जो ब्राह्मण से आते हैं, ऐसे में बीजेपी ने गोपाल भार्गव को उपचुनाव की जिम्मेदारी सौंपकर बीजेपी ने बड़ा दांव चला है. राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि बीजेपी गोपाल भार्गव के जरिए ब्राह्मण वर्ग पर अपनी पकड़ बनाने की कोशिश करेगी. क्योंकि दमोह विधानसभा सीट पर ब्राह्मण वोटर्स की भी अच्छी पकड़ मानी जाती है. जबकि लगातार 8 बार से विधानसभा चुनाव जीत रहे गोपाल भार्गव की दमोह जिले में भी अच्छई पकड़ मानी जाती है. ऐसे में पार्टी भार्गव के दम पर इस वोट बैंक को साधने की जुगत में है. 

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दरअसल, शिवराज सरकार में मंत्री गोपाल भार्गव बीजेपी का बड़ा चेहरा है. पूरे बुंदेलखंड में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के दौरान भी गोपाल भार्गव ने बड़ामलहरा और सुरखी विधानसभा सीट पर बीजेपी को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. ऐसे में बीजेपी दमोह उपचुनाव में भी उनके अनुभव का पूरा फायदा उठाना चाहती है. 

इससे पहले जब दमोह उपचुनाव की घोषणा हुई तब गोपाल भार्गव ने कहा था कि हम दमोह उपचुनाव जीतने जा रहे हैं. उन्होंने कहा की बीजेपी किसी भी चुनाव के लिए हर वक्त तैयार रहती है इसलिए दमोह चुनाव में जीत बीजेपी की होगी. जब गोपाल भार्गव से दमोह में बीजेपी की गुटबाजी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी प्रकार की कोई गुटबाजी नहीं है. गोपाल भार्गव ने कहा कि अगर कोई नाराज होगा भी तो हम नेताओ से बात कर लेंगे और समय रहते सब ठीक कर लिया जाएगा. 

राहुल लोधी के इस्तीफे से खाली हुई थी दमोह सीट 
दमोह विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राहुल सिंह लोधी के इस्तीफे से खाली हुई थी. राहुल सिंह लोधी 2018 के विधानसभा चुनाव में पहली बार दमोह विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे. राहुल ने इस चुनाव में 7 बार से लगातार चुनाव जीत रहे बीजेपी के कद्दावर नेता और तत्कालीन वित्तमंत्री जयंत मलैया को शिकस्त थी, लेकिन 15 महीने बाद कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद प्रदेश में चली राजनीतिक उठापठक के बीच उपचुनाव के दौरान राहुल सिंह लोधी ने अचानक 25 अक्टूबर 2020 को पद से इस्तीफा दे देकर बीजेपी का दामन थाम लिया था. बीजेपी में शामिल हो गए थे. खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल को बीजेपी की सदस्यता दिलाई थी. जबकि शिवराज सरकार ने उन्हें वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कारपोरेशन का चेयरमैन बनाया है. इसके अलावा राहुल को बीजेपी ने प्रत्याशी भी बनाने का ऐलान भी कर दिया है.

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