पहले राष्ट्रगीत को किया बैन, अब नए रूप में पहली बार वंदे मातरम् गाएगी कमलनाथ सरकार

सैनिक बल आज गाजे-बाजे के साथ सुबह 10:40 बजे शौर्य स्मारक के लिए रवाना होगा.

पहले राष्ट्रगीत को किया बैन, अब नए रूप में पहली बार वंदे मातरम् गाएगी कमलनाथ सरकार
मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ (फाइल फोटो)

भोपाल: मध्यप्रदेश में वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुई राजनीति पर सवालों के घेरे में घिरने के बाद कांग्रेस सरकार ने 3 जनवरी को इस पर यह कहते हुए पूर्व विराम लगा दिया था कि प्रदेश में 'वंदे मातरम' नए स्वरूप में गाया जाएगा. जिसके बाद आज यानि महीने के पहले कार्य दिवस पर गाजे-बाजे के साथ वंदे मातरम गाया जाएगा. जिसके लिए सैनिक बल आज गाजे-बाजे के साथ सुबह 10:40 बजे शौर्य स्मारक के लिए रवाना होगा. बता दें पहले यह पुलिस बैंड लेकर शौर्य स्मारक पहुंचेगी, जिसके बाद सुबह 11:00 बजे वल्लभ भवन पहुंचेगा, जहां राष्ट्रगान के बाद गाजे-बाजे के साथ राष्ट्र गीत गया जाएगा.

'वंदे मातरम्' के सम्‍मान में खड़े होने से औवेसी के पार्षदों का इनकार, भाजपा-शिवसेना ने लगाए 'भारत माता की जय' के नारे

बता दें मध्य प्रदेश में वंदे मातरम् गायन को लेकर मुख्यमंत्री ने इस पर पाबंदी लगा दी थी, लेकिन काफी विवाद होने पर मुख्यमंत्री ने अपना फैसला वापस ले लिया और इसे ने तरीके से गाए जाने का ऐलान किया. वहीं जब वंदे मातरम् बैन पर मुख्यमंत्री कमलनाथ सवालों के घेरे में घिरने लगे तो उन्होंने पूछा कि क्या जो 'वंदे मातरम्' नहीं गाता वह देशभक्त नहीं होता. विवाद बढ़ता देख आखिरकार मुख्यमंत्री को अपना फैसला वापस लेना पड़ा और राष्ट्रगीत को नए ढंग से गाए जाने का फरमान सुनाना पड़ा.

जो लोग वंदेमातरम गायन नहीं करते हैं, क्या वे देशभक्त नहीं हैं?: कमलनाथ

दरअसल, वंदे मातरम् गायन पर पाबंदी लगने पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्तमान मुख्यमंत्री पर ताबड़-तोड़ हमले किए थे और उन्हें काफी खरी-खोटी सुनाई थी. जिसके बाद जवाब में मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि, ''हर माह की 1 तारीख को मंत्रालय में वंदेमातरम गायन की अनिवार्यता को फिलहाल अभी रोक कर नये रूप में लागू करने का निर्णय लिया गया है. यह निर्णय ना किसी एजेंडे के तहत लिया गया है और ना ही हमारा वंदेमातरम गायन को लेकर कोई विरोध है. वंदेमातरम हमारे दिल की गहराइयों में बसा है. हम भी समय- समय पर इसका गायन करते हैं. हम इसे वापस प्रारंभ करेंगे, लेकिन एक अलग रूप में. देशभक्ति व राष्ट्रीयता को सिर्फ एक दिन वंदेमातरम गायन से जोड़ना गलत है. जो लोग वंदेमातरम गायन नहीं करते हैं, क्या वे देशभक्त नहीं हैं?'