Modi Government का बड़ा फैसला, 9 करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ रुपये होंगे जमा
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Modi Government का बड़ा फैसला, 9 करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ रुपये होंगे जमा

किसान आंदोलन (Farmers Protest) के बीच मोदी सरकार ने किसानों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 9 करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ रुपये जमा कराने का फैसला लिया है. 25 तारीख को दो घंटे के अंदर ये रुपये ट्रांसफार कर दिए जाएंगे.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, (फाइल फोटो).

नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन ( Farmers Protest) के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार 9 करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ रुपये जमा कराएगी. इस बात का ऐलान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने किया है साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि किसानों से चर्चा होगी और गतिरोध खत्म होगा.

  1. किसान आंदोलन के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला

    9 करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ रुपये होंगे जमा

    25 दिसंबर को होंगे ट्रांसफर, कृषि मंत्री तोमर ने किया ऐलान

पीएम मोदी करेंगे बात

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने कहा है कि 25 तारीख को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) के जन्मदिन को भारत सरकार सुशासन दिवस के रूप में मना रही है. इसी दिन सरकार की तरफ से 9 करोड़ किसानों के खाते में दो घंटे के अंदर 18000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. इस योजना के लाभार्थी 6 राज्यों के 6 किसानों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) बात करेंगे. कार्यक्रम को विकास खंड स्तर पर भी आयोजित किया जाएगा. 2 करोड़ किसान इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए पंजीकरण करा चुके हैं. 

सरकार सभी शंकाओं को दूर करने के लिए तैयार

साथ ही कृषि मंत्री ने कहा कि एमएसपी (MSP) को लेकर बहुत सी बातें किसानों के मन में हैं लेकिन सरकार सभी शंकाओं को दूर करने के लिए तैयार है. किसान आंदोलन (Farmers Protest) पर उन्होंने कहा कि मैं पूरी तरह से आश्वासन देता हूं कि मोदी सरकार उनके हित में ही हर कदम उठा रही है. उन्होंने किसान यूनियनों से एक बार फिर चर्चा का आग्रह किया. उन्होंने कहा, किसान संगठन हमें बताएं कि सरकार के प्रस्ताव पर क्या जोड़ना या घटाना चाहेंगे. किसान संगठन तारीख-समय हमें बताएं, हम चर्चा के लिए तैयार हैं. उन्होंने किसान यूनियनों से बिल के प्रारूप को समझ कर सरकार को अवगत कराने का आग्रह किया है.

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चर्चा के माध्यम से समाधान

कृषि मंत्री ने कहा हम ईमानदारी से समाधान की तरफ बढ़ेंगे. आंदोलन कितना भी पुराना हो, चर्चा के माध्यम से समाधान निकलता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि चर्चा से सकारात्मक समाधान निकलेगा. तोमर ने कहा कि किसानों को देखकर उन्हें दुःख होता है लेकिन कृषि सुधार बिल किसानों के हक में है. 

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