एकदंत के एक मंत्र से बनें अनेक काम

गणेश चतुर्थी में इस बार ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा संयोग है कि धन बरसते देर नहीं लगेगी। गणपति की जन्म  कुंडली मे इस बार अनोखे योग बने हैं। स्वाति नक्षत्र में आई गणेश चतुर्थी वैसे भी धनदायक मानी जा रही है। मशहूर  ज्योतिषाचार्य पंडित के ए दुबे पद्मेश के अनुसार गणपति की कुंडली में उच्च का बृहस्पति और मंगल के आमने-सामने  और बुध शुक्र और चंद्रमा की युति दाता भाव में होने के कारण, हर कामना पूरी हो सकती है।

एकदंत के एक मंत्र से बनें अनेक काम
फाइल फोटो

 दिल्ली: गणेश चतुर्थी में इस बार ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा संयोग है कि धन बरसते देर नहीं लगेगी। गणपति की जन्म  कुंडली मे इस बार अनोखे योग बने हैं। स्वाति नक्षत्र में आई गणेश चतुर्थी वैसे भी धनदायक मानी जा रही है। मशहूर  ज्योतिषाचार्य पंडित के ए दुबे पद्मेश के अनुसार गणपति की कुंडली में उच्च का बृहस्पति और मंगल के आमने-सामने  और बुध शुक्र और चंद्रमा की युति दाता भाव में होने के कारण, हर कामना पूरी हो सकती है।
 कैसे होगी हर कामना पूरी?
 अगर आप इस गणेश चतुर्थी से साल भर की चतुर्थी के व्रत का संकल्प लेकर, व्रत प्रारंभ करते हैं तो आने वाले समय में  आपके जीवन में चमत्कारिक बदलाव हो सकते हैं। अगर आप पूरे साल की चतुर्थी का व्रत नहीं कर सकते तो सिर्फ एक  मंत्र के जाप से भी अपना भाग्य बदल सकते हैं। 
 एक मंत्र से बदलेगा भाग्य
-प्रात:स्नान के बाद किसी पवित्र स्थान पर कुश या ऊनी आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें
-गणपति की प्रतिमा या चित्र को अपने सामने विराजमान करें।
-चंदन,धूप,दीप से पूजा और मोदक का भोग लगाकर गणपति से अपनी मनोकामना कहें।
-गणपति का एकाग्रचित्त होकर स्मरण करें और उनका ध्यान करें।   
-जप शुरु करने से पहले शुद्ध देसी घी का दीपक जलायें।
-लगातार 10 दिन तक इस मंत्र की 108 माला या 51,31 या 11 माला का जाप करें
-गणपति मंत्र है: गं गणपतये नम:
-इस मंगलकारी मंत्र के जाप से 10 दिन में ही आपकी कामना पूरी हो जायेगी।
-अगर आपके मन में कोई कामना नहीं है तो इस मंत्र से गणपति प्रसन्न हो जायेंगे।
-गणपति के प्रसन्न होने पर आपके जीवन में कोई भी कार्य असंभव नहीं रह जायेगा।