ह्यूस्टन में बोले पीएम मोदी, 'भारत ने अनुच्छेद 370 को फेयरवेल दे दिया है'

पीएम मोदी ने हाउडी मोदी कार्यक्रम में संबोधन के दौरान आर्टिकल 370 का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने इसे फेयरवेल दे दिया है. 

ह्यूस्टन में बोले पीएम मोदी, 'भारत ने अनुच्छेद 370 को फेयरवेल दे दिया है'
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के संविधान जो अधिकार बाकी भारतीयों को दिए हैं, वही अधिकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को मिल गए हैं.

टेक्सास: पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)‌ ने हाउडी मोदी (Howdy Modi) कार्यक्रम में संबोधन के दौरान आर्टिकल 370 (Article 370) का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने इसे फेयरवेल दे दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत के सामने 70 साल से एक और बड़ी चुनौती थी, जिसे कुछ दिन पहले देश ने फेयरवेल दे दिया है. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) और लद्दाख के लोगों को विकास से और समान अधिकारों से वंचित रखा था. इस स्थिति का लाभ आतंकवाद और अलगाववाद बढ़ाने वाली ताकतें उठा रही थीं. भारत के संविधान जो अधिकार बाकी भारतीयों को दिए हैं, वही अधिकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को मिल गए हैं. 

पीएम मोदी ने कहा, "तेज विकास का प्रयास कर रहे किसी भी देश में, अपने नागरिकों के लिए वेलफेयर स्कीम आवश्यक होती है. जरूरतमंद नागरिकों के लिए वेलफेयर स्कीम चलाने के साथ-साथ नए भारत के निर्माण के लिए कुछ चीजों को फेयरवेल भी दिया जा रहा है." 

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पीएम मोदी ने कहा "Howdy माई फ्रेंड्स, ये जो माहौल है व अकल्पनीय है. आज हम यहां नई हिस्ट्री के साथ केमेस्ट्री भी देख रहे हैं. एनआरजी की एनर्जी भारत-अमेरिका की बढ़ती सिनर्जी की गवाह है. ये मोदी अकेले नहीं है. हाउडी मोदी का जवाब ये है कि भारत में सब अच्छा है. मोदी ने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन जो लोग नहीं आ पाए उनसे मैं व्यक्तिगत रूप से क्षमा मांगता हूं." 

पीएम मोदी ने कहा, "इस कार्यक्रम का नाम #HowdyModi है लेकिन मोदी अकेले कुछ नहीं है। मैं 130 करोड़ भारतीयों के आदेश पर काम करने वाला साधारण व्यक्ति हूं. इसलिए जब आपने पूछा है कि #HowdyModi, तो उसका जवाब यही है कि भारत में सब अच्छा है." 

पीएम मोदी ने कई भाषाओं में 'भारत में सब अच्छा है' कहा. पीएम मोदी ने कहा, "सदियों से हमारे देश में सैकड़ों भाषाएं, सैकड़ों बोलियां, सह अस्तित्व की भावना के साथ आगे बढ़ रही हैं और आज भी करोड़ों लोगों की मातृभाषा बनी हुई हैं."