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राजस्थान में स्वाइन फ्लू का कहर जारी, 22 दिनों में 54 मरीजों की मौत

जयपुर में 542 पॉजिटिव केस हैं, जबकि जोधपुर में 297 पॉजिटिव मामले पाए गए हैं

राजस्थान में स्वाइन फ्लू का कहर जारी, 22 दिनों में 54 मरीजों की मौत
आंकड़ों के मुताबिक 33 में से 31 जिले स्वाइन फ्लू की जद में हैं

आशुतोष शर्मा/जयपुर: प्रदेश में स्वाइन फ्लू पूरी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. पिछले 22 दिनों की बात करें तो राजस्थान में स्वाइन फ्लू से 55 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 1 हजार 414 लोग स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गये है. वहीं पॉजिटिव केस की बात करें तो राजस्थान देश में पहले पायदान पर है. खबर के मुताबिक सबसे अधिक 542 पॉजिटिव केस जयपुर में हैं जबकि जोधपुर में 297 पॉजिटिव मामले पाए गए हैं. 

जैसलमेर में तो यह स्थिति है कि जिन जगहों पर स्वाइन फ्लू के मरीजों की पुष्टि भी हो चुकी है, विभाग द्वारा वहां आस-पास निवास करने वाले लोगों की रोकथाम को लेकर भी कोई सार्थक प्रयास नहीं किए गए है. अब तक जैसलमेर में करीब 14 मरीज सामने भी आ चुके हैं, जिनमें से दो मरीजों की मृत्यु भी हो चुकी है. चिकित्सा विभाग की लापरवाही का यह आलम है कि कई मरीजों के बारे में चिकित्सा विभाग को जानकारी तक नहीं है. जिससे यह रोग जैसलमेर में भी अपने पैर फैला रहा है. 

आंकड़ों के मुताबिक 33 में से 31 जिले स्वाइन फ्लू की जद में हैं. हालांकि हैल्थ मिनिस्टर डॉ. रघु शर्मा के निर्देश स्वाइन फ्लू को लेकर कई अभियान चलाए जा रहे हैं. वहीं 55 लाख से अधिक व्यक्तियों स्वाइन फ्लू को लेकर स्क्रीनिंग भी की गई जिसमें लगभग 846 व्यक्तियों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखे. साथ ही 563 गर्भवती महिलाओं में भी सर्दी-जुकाम के लक्षण नजर आए. कुल 1 हजार 900 मरीजों को टेमीफ्लू दवाई दी गई. वहीं 16 हजार से अधिक लोगों के ब्लड सैम्पल भी लिए गए.

क्या है स्वाइन फ्लू 
स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के इनफ्लुएंजा वाइरस (एच-1 एन-1) के द्वारा होता है. इसमें मरीज को जुकाम, गले में खराश, सर्दी खांसी, बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेटदर्द व उल्टी दस्त की शिकायत रहती है. यह रोग बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को तीव्रता से प्रभावित करता है. यह खांसने, छींकने व छूने से फैलता है. इसके साथ ही संक्रमित होने से 5-7 दिन में यह लक्षण दिखाई देना शुरू हो जाते हैं. 

मरीज भी रखे सावधानी 
स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने के बाद मरीज सबसे पहले चिकित्सकीय परामर्श लें. इसके साथ ही खांसी, जुकाम व बुखार के रोगी से दूर रहें. साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें. खांसते या छींकते समय मुंह ढंक दें. सर्दी जुकाम होने की स्थिति में भीड़-भाड़ से बचें.