जयपुर: पुलिस कांस्टेबल की मौत के बाद अस्पताल में हुआ हंगामा, इलाज में देरी का आरोप

कांवटिया सर्किल के पास एक ट्रैक्टर से पुलिस कांस्टेबल के बाइक की टक्कर के बाद  घायलावस्था में उन्हें स्थानीय लोगों ने कांवटिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया था.

जयपुर: पुलिस कांस्टेबल की मौत के बाद अस्पताल में हुआ हंगामा, इलाज में देरी का आरोप
राजधानी जयपुर में इलाज के दौरान मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई आरंभ की है.

जयपुर: राजधानी जयपुर के कांवटिया अस्पताल में शनिवार सुबह इलाज के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल की मौत के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया. बताया जा रहा है कि, पुलिस कांस्टेबल रामेश्वर बराल सुबह घर से ड्यूटी के लिए निकले थे. इस दौरान कांवटिया सर्किल के पास एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी. घायलावस्था में उन्हें स्थानीय लोगों ने पास के कांवटिया अस्पताल में भर्ती करवाया था, लेकिन उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई.

इस संबंध में परिजनों का कहना है कि घायलावस्था में अस्पताल पहुंचने के बाद भी अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा गंभीर घायल रामेश्वर का इलाज सही तरीके से नहीं किया गया, जिसके कारण उनकी मौत हो गई. इस दौरान मृतक के परिजन कांवटिया अस्पताल अधीक्षक डॉ हर्षवर्धन सिंह और अन्य दोषी स्टाफ को सस्पेंड करने की मांग कर रहे थे. वहीं, पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक रामेश्वर राजधानी जयपुर में पदस्थापित डीआईजी (जेल) के ड्राइवर थे. शनिवार सुबह 8 बजे करीब अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे. 

घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रामेश्वर बराला के परिजन, साथी पुलिसकर्मी और आमेर के विधायक सतीश पूनिया ने जमकर नारेबाजी कर हंगामा किया. परिजनों ने हंगामें के दौरान अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया कि कांवटिया अस्पताल के पास हादसा होने के कुछ ही मिनटों में  रामेश्वर को अस्पताल ले जाया गया. लेकिन वहां पर कोई सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं था. इसके अलावा उनका प्राथमिक उपचार भी सही तरीके से नहीं किया गया. 

वहीं, अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाज के दौरान मौजूद डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को एपीओ कर दिया है. इस संबंध में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्रिंसीपल डॉ दीपक माथुर ने मीडिया को बताया कि लापरवाही की जांच के आरोपों की सच्चाई के लिए एक कमेटी बनाई गई है. यह कमिटी  3 दिन में जांच पूरी करेगी. जांच में किसी के भी दोषी पाए जाने पर उन्हें सस्पेंड भी किया जाएगा.  

लेकिन अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी मृतक के परिजन दोषी लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे. मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर पुलिस के आला अधिकारी भी अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों से समझाइश का प्रयास किया.  हंगामे के दौरान मौके पर मौजूद बीजेपी विधायक सतीश पूनिया ने भी सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज में होने वाली लापरवाही पर सवाल उठाए.