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अलवर: रत्तीराम जाटव खुदकुशी मामले में धरने पर बैठे लोग, कर रहे आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

 लोगों की मांग है कि जब तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती तब तक वह शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने देंगे. 

अलवर: रत्तीराम जाटव खुदकुशी मामले में धरने पर बैठे लोग, कर रहे आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
स्थानीय लोग राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के शवगृह में धरने पर बैठ गए हैं.

प्रमोद शर्मा/अलवर: राजस्थान के अलवर में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए हरीश जाटव के पिता (रत्तीराम जाटव) ने जहर खा कर खुदकुशी मामले में स्थानीय लोग पोस्टमार्टम न कराने को लेकर अड़ गए हैं. खबर के मुताबिक स्थानीय लोग भिवाड़ी के टपूकड़ा के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के शवगृह में धरने पर बैठ गए हैं. लोगों की मांग है कि जब तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती तब तक वह शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने देंगे. 

धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि जब तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती और प्रशासन दोषी पुलिस वालों के खिलाफ सख्त कारवाई नहीं करती वह अपनी मांगों को लेकर अस्पताल में धरने पर बैठे रहेंगे. इधर बीजेपी ने पूर्व चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ समेत तीन सदस्यों की कमेटी बनाकर अलवर भेजी है. कमेटी ने भी परिवार के सदस्यों से बात की और भरोसा दिया कि परिवार की इस लड़ाई में वो उनके साथ है. लेकिन इन सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि आरोपी अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर क्यों है. पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने से क्यों डर रही है.

गौरतलब है कि अलवर में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए हरीश के पिता (रत्तीराम जाटव) ने जहर खा कर आत्महत्या कर ली थी. हरीश के पिता रत्तीराम जाटव ने अपने बेटे के साथ हुई मॉब लिंचिंग की घटना की शिकायत पुलिस में की थी लेकिन जानकारी के मुताबिक रत्तीराम जाटव ने मरने से पहले पुलिस पर मामले में ठीक से जांच न करने और मामले को एक्सिडेंट साबित करने की कोशिश का आरोप लगाया था. 

रत्तीराम अपने बेटे को न्याय न मिल पाने के कारण परेशान थे और वह बार बार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे थे. परिजनों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस बार बार मॉब लिंचिंग की घटना को एक्सिडेंट साबित करने की कोशिश कर रही थी. 

आपको बता दें, 16 जुलाई हरीश बाइक से अपने गांव झिवाणा जा रहा था. जहां रास्ते में फसला गांव में हरीश की बाइक से एक महिला की टक्कर हो गई. जिसके बाद महिला और उसके परिजनों तथा गांव के कुछ लोगों द्वारा हरीश को पीट पीट कर अधमरा कर दिया गया. जिसके बाद हरीश की इलाज के दौरान 18 जुलाई को मौत हो गई. हरीश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का सिर पर और शरीर के अन्य हिस्सों पर लगी चोट को बताया गया है.