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Alwar News: गीतानंद शिशु जिला अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही का एक मामला सामने आया है. रिपोर्ट्स की मानें, तो डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से अस्पताल में एक नाबालिग की जान चली गई. इसके बाद परिजनों ने जमकर अस्पताल में हंगामा किया. वहीं, इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया. जानकारी के अनुसार किशनगढ़ बास के कुम्हार वाटी मोहल्ला निवासी रामकिशन प्रजापत ने बताया कि शनिवार 14 सितंबर को उन्होंने अपनी बेटी नैना को इलाज के लिए गीतानंद शिशु चिकित्सालय में सुबह करीब 10 बजे भर्ती करवाया था.
पहले स्वस्थ बताकर दे दी छुट्टी
जहां डॉक्टर ने आज दोपहर 2:00 बजे के समीप नैना को बिल्कुल स्वस्थ बता उसे छुट्टी दे दी. जिसके बाद परिजन अपनी बच्ची को लेकर अपने घर पहुंचे. तभी कुछ देर बाद अचानक से बच्ची की तबीयत दोबारा से खराब हुई और बच्ची को सांस लेने में तकलीफ होने लगी. इसके बाद बच्ची को आनन-फानन में फिर से गीतानंद शिशु अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया. जहां डॉक्टरों ने बच्ची को दोबारा से भर्ती कर लिया. लेकिन देर रात करीब 8:00 बजे के समीप बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया.
आखिर में 2-3 बार हुई खून की उल्टी
इस पर परिजनों ने आरोप लगाए हैं कि डॉक्टर ने इलाज व देखभाल ठीक से नहीं की और बच्ची के बिना स्वस्थ हुए उसे छुट्टी दे दी गई. जिसकी वजह से बच्ची की दोबारा तबीयत खराब हुई. बच्ची को वापिस हॉस्पिटल लाया गया लेकिन बच्ची ने दम तोड़ दिया. परिजनों ने डिस्चार्ज टिकट दिखाई. जिसमें किसी डॉक्टर राकेश कुमार चौधरी के नाम से मुहर लगी हुई है. वहीं, बच्ची के पिता का आरोप है कि डॉक्टर खुद बच्ची से पूछ रहे थे कि बेटा तेरी तबीयत कैसी है. जब बच्ची ने बताया कि मैं ठीक हूं तो डॉक्टरों ने बच्ची को छुट्टी देदी था. आखिर में पिता ने बताया कि लास्ट समय में बच्ची को 2 से 3 बार खून की उल्टी हुई और बच्ची ने दम तोड़ दिया.
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