Right to Health Bill: 16 दिन से बन्द है निजी अस्पताल, चिकित्सक बोले-सरकारी योजनाओं के तहत नही कर पाएंगे काम
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Right to Health Bill: 16 दिन से बन्द है निजी अस्पताल, चिकित्सक बोले-सरकारी योजनाओं के तहत नही कर पाएंगे काम

आरटीएच बिल के विरोध में रविवार को 16 वें दिन भी सभी प्राइवेट अस्पताल बन्द रहे , रविवार को डॉक्टरों ने भगत सिंह सर्किल पर धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की. डॉक्टर्स संघर्ष समिति जिलाध्यक्ष डॉ विजयपाल यादव ने बताया कि सभी डॉक्टर एक मत होकर इस काले कानून

Right to Health Bill: 16 दिन से बन्द है निजी अस्पताल, चिकित्सक बोले-सरकारी योजनाओं के तहत नही कर पाएंगे काम

Right to Health Bill: आरटीएच बिल के विरोध में रविवार को 16 वें दिन भी सभी प्राइवेट अस्पताल बन्द रहे , रविवार को डॉक्टरों ने भगत सिंह सर्किल पर धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की.

डॉक्टर्स संघर्ष समिति जिलाध्यक्ष डॉ विजयपाल यादव ने बताया कि सभी डॉक्टर एक मत होकर इस काले कानून का विरोध करने में लगे हुए है. उन्होंने बताया की इस बात पर न केवल राजस्थान बल्कि सारे देश के चिकित्सक एकमत हैं, यहां तक विदेशों में बसे राजस्थानी चिकित्सक भी समर्थन कर रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि यह बिल आगामी चुनावों के मुद्दे नजर सरकार द्वारा केवल वोट पाने के लिए आनन फानन में बिना सोचे समझे बिना चिकित्सकों की राय लिये तथा बिना कोई पायलट प्रोजेक्ट के सीधा ही पास कर दिया गया।

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डॉक्टर्स संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष डॉ.विजयपाल यादव ने बताया है कि इस बिल में कई विसंगतियां हैं जैसै इसमें इमरजेंसी की सही परिभाषा नहीं है, रेफरल की जिम्मेदारी अस्पतालों पर है और उन्हें उपचार देना अनिवार्य है, लेकिन उनके भुगतान के लिए सरकार जवाबदेह होगी। मरीज आपको कोर्ट में ले जा सकता है लेकिन आप खुद को कोर्ट में बचाने के लिए नहीं जा सकते हैं और चिकित्सकों को भी दंड दिया जा सकता है।

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ताजस्थान के सारे प्राइवेट चिकित्सक इन मुद्दों पर भयभीत हैं और करीब 15 दिन से सारे प्राइवेट अस्पताल पूरी तरह बंद है और सारे चिकित्सक एकमत हैं कि चाहे कितने भी समय संघर्ष करना पड़े. जब तक सरकार आरटीएच बिल(Right to health bill) वापस नहीं लेगी तब तक प्राईवेट अस्पताल अपना काम बंद रखेंगे।

राजस्थान के प्राइवेट चिकित्सकों सरकार को पहले ही सरकारी योजनाओं को खत्म करने के लिए लिखित में दे दिया है. प्रदेश के चिकित्सकों का कहना है कि वे लोग किसी भी प्रकार की सरकारी योजनाओं के तहत जैसै चिरंजीवी व आरटीजीएस सहित अन्य योजनाओं में काम नही कर पाएंगे.

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