बारां: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सरकारी अभियंता को घूस लेते पकड़ा रंगे हाथ

जिले के मांगरोल कस्बा स्थित दायीं मुख्य नहर सीएडी उपखंड कार्यालय के दो अभियंताओं ने ठेकेदार से पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी.

बारां: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सरकारी अभियंता को घूस लेते पकड़ा रंगे हाथ
टेंडर की अमानत राशि वापस करने के लिए पैसे मांगे गए थे. (फोटो साभार: DNA)

बारां: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की बारां की टीम ने बुधवार देर शाम दो सरकारी अभियंताओं को घूस लेते गिरफ्तार किया है. जिले के मांगरोल कस्बा स्थित दायीं मुख्य नहर सीएडी उपखंड कार्यालय के दो अभियंताओं ने ठेकेदार से बिल पास करने के लिए पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी. जिसकी शिकायत के बाद ब्यूरो ने टीम गठित कर मामले में कार्रवाई शुरू की थी.

बताया जा रहा है कि दोनों अभियंता शाम को एईएन के सरकारी आवास पर रिश्वत राशि ले रहे थे. इस दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) के कार्रवाई की भनक लगने पर वो पीछे के रास्ते से भागने लगे. लेकिन एसीबी की टीम ने करीब पांच सौ मीटर दौड़ाकर उन्हें दबोच लिया.

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरएस गोगावत ने बताया कि परिवादी रमेश मीणा निवासी शिव कॉलोनी बारां ने वर्ष 2017 में सीएडी उपखंड मांगरोल के अधीन क्षतिग्रस्त नहर के पुनर्निर्माण का टेंडर लिया था. जिसका काम पूरा होने के बाद करीब 4 लाख 10 हजार रुपए के दो बिल कार्यालय मांगरोल में प्रस्तुत किए थे.

जिसके बाद इन बिलों को पास करने के लिए आरोपी जेईएन विनेश कुमारी कोली और एईएन रामदेव मेहरा निवासी अर्जुनपुरा तहसील पीपल्दा जिला कोटा ने परिवादी से उसकी अमानत राशि वापस दिलवाने के लिए दो हजार रुपए की मांग की थी. 17 जनवरी को रमेश मीणा ने इसकी शिकायत बारां के एसीबी कार्यालय में की थी. जिसके बाद सीआई ज्ञानचन्द मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने दोनों अभियंताओं को पांच हजार रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा जा सका. 

इस संबंध में सीआई ज्ञानचन्द ने बताया कि एसीबी की टीम को देखकर आरोपियों ने रिश्वत राशि फाड़कर जमीन पर फेंक दी. लेकिन टीम ने आरोपियों के हाथों को धुलवाया. जिसके बाद उनके हाथों से नोटों पर लगा गुलाबी रंग निकल आया. इसे टीम ने साक्ष्य के रूप में लिया है. इसके बाद दोनों आरोपियों के सरकारी आवासों की तलाशी ली गई. जहां से कुछ भी बरामद नहीं हो सका. इनके मूल निवास स्थानों की तलाशी के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है.