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राजस्थान के इन जिलों में दिन में आएगा सिर्फ 1 बार पानी, जानिए क्या है वजह

भूजल विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के सभी 33 जिलों में ग्राउंड वाटर लेवल पूरी तरह से डगमगा गया है.

राजस्थान के इन जिलों में दिन में आएगा सिर्फ 1 बार पानी, जानिए क्या है वजह

जयपुर: वैसे तो पूरा राजस्थान जलसंकट से जूझ रहा है. लेकिन यदि आप जयपुर, अजमेर, दौसा और टोंक में रहते है तो सावधान हो जाइए. क्योंकि अब आपके घरों में दो दिन में केवल एक बार पानी आएगा. हो सकता है कि जल विभाग इससे भी ज्यादा दिन की कटौती कर दे. क्योंकि अब इन चार जिलों में प्यास बुझाने वाला बीसलपुर बांध पूरी तरह से सूखने के कगार पर है. इसलिए अब इन चार जिलों के 21 शहर और 2800 गांवों के लिए संकट की घडी शुरू हो गई है. बीसलपुर केवल 21 दिनों तक चार जिलों की प्यास बुझा सकता है. बीसलपुर बांध को आंकडों में नजर डालते तो इस बांध की कुल भराव क्षमता 39.70 टीएमसी है. जबकि बांध में सिर्फ 2.26 टीएमसी पानी बचा है.

यानि 5.69 प्रतिशत पानी ही बीलसपुर बांध में पानी उपलब्ध है. लेकिन सबसे हैरानी की बात तो ये है कि अब तक जलदाय विभाग ने कोई एक्शन प्लान ही नहीं बनाया है. पीएचईडी इंजीनियर सिर्फ ट्यूब वेल्स के भरोसे बैठे है. जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर आईडी खान का कहना है कि "बीलसपुर बांध में चंद दिनों का पानी बचा है.

बारिश नहीं होने से इस बार बांध में पानी की आवक नहीं हो पाई है. जिसके चलते अब ट्यूबवेल्स के जरिए ही पानी की सप्लाई की जाएगी." लेकिन सबसे बडी बात ये है यदि राजस्थान में इंद्रदेवता मेहरबान नहीं हुई तो हालात और भी बिगडना तय है. क्योंकि ट्यूबवेल ही एकमात्र सहारा होगा राजस्थान की जनता को पानी पिलाने के लिए. लेकिन ट्यूबवेल्स कब तक इन शहरों की प्यास बुझा पाएंगे.

ट्यूबवेल्स से रोजाना लाखों लीटर पानी तो जमीन से खीचा जा रहा है,लेकिन जमीन में पानी का रिचार्ज नहीं हो रहा है.ऐसे में कुछ सालों बाद जमीन में भी पानी खत्म हो जाएगा. बीसलपुर बांध में पानी की कमी को लेकर राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री और अजमेर से विधायक वासुदेव देवनानी ने विधानसभा में मामले को उठाया.

उनका कहना था कि कुछ दिन बाद बीसलपुर बांध में पानी खत्म हो जाएगा, लेकिन इसके बावजूद भी सरकार के पास पानी को लेकर कोई ईमरजैसी संसाधन नहीं है.अजमेर में तो तीन दिन में एक बार पानी मिल रहा है और दूसरे जिलों में भी पानी की कटौती होने वाली है.ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द नए उपाय खोजने होंगे,नहीं तो राजस्थान में हालात बिगड सकते है.

इन जिलों से आता है बीसलपुर बांध में पानी 
अजमेर,राजसमंद,उदयपुर,चितौडगढ में यदि अच्छी बारिश होगी,तभी बीसलपुर बांध में पानी की आवक बढेगी.क्योकि इन्ही रास्तों से बीसलपुर बांध में पानी की आवक होती है.यदि इन जिलों में बारिश अच्छी नहीं होगी तो इस बार बीसलपुर बांध सूख जाएगा.

चार जिलों में चार साल मे पानी खत्म
भूजल विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के सभी 33 जिलों में ग्राउंड वाटर लेवल पूरी तरह से डगमगा गया है.केवल डूंगरपुर और बांसवाडा को छोड बाकी जिलों में ग्राउंड वाटर लेवल पूरी तरह से खतरे के निशान के पार चला गया है.डार्क जोन की सबसे डराने वाली तस्वीर इन आकंडों से साफ होती है.पिछले चार साल में राजस्थान के 295 ब्लॉक में से 185 ब्लॉक डार्क जोन में चले गए है.

2013 में जिन डार्क जोन की संख्या 164 थी,वहीं अब बढकर 185 पहुंच गई है.डार्क जोन का मतलब ये होता है जिन इलाकों में जमीन के नीचे से पानी तो अधिक ले रहे है,लेकिन जमीन में पानी कम रिचार्ज हो रहा है.भूजल विभाग के चीफ इंजीनियर सूरजभान सिंह का कहना है कि "लगातार पानी का भूजल स्तर घटता जा रहा है जिसमें झुन्झुनू,दौसा,सीकर और जयपुर में जमीन के नीचे केवल चार साल का पानी बचा है.यदि अभी ग्राउंड वाटर को काम नहीं किया भविष्य में पानी नहीं बचेगा.यानि चार साल में इन चार जिलों में पानी बिल्कुल भी नहीं बचेगा."