राजस्थान में स्थापना के 39 साल बीजेपी को मिली पहली महिला जिलाध्यक्ष

बीजेपी की स्थापना के 39 साल बाद यह उपलब्धि सीकर जिले की इंदिरा चौधरी के नाम हुई है. वहीं, नियुक्ति के लिए इंदिरा चौधरी ने पार्टी का आभार जताया.

राजस्थान में स्थापना के 39 साल बीजेपी को मिली पहली महिला जिलाध्यक्ष
नियुक्ति के बाद से ही इंदिरा चौधरी सक्रिय भी हो गई हैं

जयपुर: राजस्थान बीजेपी में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है. वहीं, 25 जिला अध्यक्षों के बीच बीजेपी को अपनी पहली महिला जिलाध्यक्ष भी मिल गई है. बता दें कि, बीजेपी की स्थापना के बाद से राजस्थान के किसी भी जिले की कमान स्वतंत्र रूप से पहली बार किसी महिला को सौंपी गई है. बीजेपी की स्थापना के 39 साल बाद यह उपलब्धि सीकर जिले की इंदिरा चौधरी के नाम हुई है. नियुक्ति के लिए पार्टी का आभार जताने के साथ ही इंदिरा चौधरी ने कहा कि उनके पास संगठन में काम करने का पुराना अनुभव है. पहले भी वे महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष के साथ ही जिला उपाध्यक्ष और जिला महामंत्री के रूप में संगठन में कई स्तर पर काम कर चुकी हैं और कई अभियानों की अगुवाई भी कर चुकी हैं. 

अपनी नियुक्ति के बाद से ही इंदिरा चौधरी सक्रिय भी हो गई हैं. उनका कहना है कि आने वाले पंचायती राज चुनाव में बीजेपी को ज्यादा से ज्यादा जगह जीत दिलाना उनकी प्राथमिकता होगी और उसके लिए उन्होंने काम करना शुरू भी कर दिया है.

पहली महिला जिलाध्यक्ष के रूप में अपनी नियुक्ति के बाद इंदिरा चौधरी ने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी की. राजधानी में प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर से मुलाकात कर इंद्रा ने उनका आभार भी जताया. इधर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि किसी महिला को जिले की कमान देना और युवाओं को आगे बढ़ाने का प्रयोग पार्टी ने किया है और उनकी कोशिश आगे भी इस तरह पार्टी को मजबूत करने की रहेगी.

भले ही इन्दिरा चौधरी बीजेपी में किसी ज़िले की अध्यक्ष के रूप में पहली महिला हों, लेकिन किसी परिपक्व राजनेता की तरह बात करने वाली इन्दिरा अपनी चुनौतियों के मुद्दे पर कहती हैं कि उनकी पार्टी तो लम्बे समय तक विपक्ष में रही है और लोगों के मुद्दे उठाती रही है. वे कहती हैं कि उनके अध्यक्ष बनने पर जितनी खुशी सीकर के पार्टी कार्यकर्ताओं को है. उतनी ही खुशी उनके कार्यकाल पूरा होने के बाद भी हो तो यह उनके लिए उपलब्धि होगी.

राजनीति में कई बार लम्बे इन्तज़ार के बाद कोई ज़िम्मेदारी मिलती है. संगठन में अलग-अलग स्तरों पर काम करने वाली इन्दिरा चौधरी को पहली महिला अध्यक्ष बनाया है तो नई ज़िम्मेदारी के बाद उन्हें राजस्थान बीजेपी की पहली महिला प्रदेशाध्यक्ष से भी सीख मिलीं. पूर्व मुख्यमन्त्री वसुंधरा राजे से मुलाकात के बाद ज़ी मीडिया से बात करते हुए इन्दिरा ने बताया कि महिलाओं के लिए राजनीति की चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों के बारे में राजे ने उन्हें बताया. 

राजनीति को कोहरे की तरह मानने वाली इन्दिरा चौधरी पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों में जुट गई हैं. वे कहती हैं कि राजनीति एक कोहरे की तरह है और इसमें कदम-दर-कदम बढ़ते हुए ही रास्ते ढूंढना सही रहता है. अपने लिए कोई लम्बे टार्गेट तय नहीं करने वाली इन्दिरा का अभियान तो शुरू हो गया है और पहली महिला ज़िलाध्यक्ष होने के नाते उनका नाम इतिहास में लिखा जाना भी तय हो गया है. लेकिन उनका काम ही तय करेगा कि भविष्य में बीजेपी किसी अन्य महिला को ज़िले की कमान देने की हिम्मत दिखा पाएगी या नहीं.