आदिवासी समाज हुआ जागरूक, डूंगरपुर में किया 8 हजार से अधिक युनिट का रक्तदान

प्रदेश के डूंगरपुर जैसे आदिवासी जिले में अब रक्तदान को लेकर जागरुकता बढ़ने लगी है. पहले इस क्षेत्र में रक्तदान को लेकर काफी भ्रांतियां भी थी.

आदिवासी समाज हुआ जागरूक, डूंगरपुर में किया 8 हजार से अधिक युनिट का रक्तदान
प्रतीकात्मक तस्वीर

डूंगरपुर: प्रदेश के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में भी अब रक्तदान के लिए जागरुकता बढने लगी है. रक्तदान शिविर के माध्यम से लोग रक्तदान करने में खासा उत्साह दिखा रहे हैं और यही कारण है कि प्रतिवर्ष रक्तदान करने वालों का आंकड़ा बढ़ रहा है. गत चार वर्षों की बात करें तो डूंगरपुर जिले में रक्तदान शिविरों में 8 हजार से अधिक यूनिट रक्त का दान करते हुए रक्तदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने के साथ लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया है. 

प्रदेश के डूंगरपुर जैसे आदिवासी जिले में अब रक्तदान को लेकर जागरुकता बढ़ने लगी है. पहले इस क्षेत्र में रक्तदान को लेकर काफी भ्रांतियां भी थी. जिसके चलते रक्तदान करने में लोग काफी कतराते थे और यही कारण है की जिले में रक्तदान का ग्राफ काफी कम था लेकिन डूंगरपुर ब्लड बैंक द्वारा जिलेभर में रक्तदान के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए गए जिससे जिले में रक्तदान के लिए जागरुकता बढने लगी. इसका परिणाम यह रहा है कि पिछले चार साल में 7152 यूनिट रक्तदान हुआ. वहीं वर्ष 2019 में जनवरी से लेकर 14 अप्रैल तक 1001 यूनिट रक्दान हुआ. 

स्वास्थय विभाग की ओर से नियुक्त रक्तदान कार्यक्रम के जिला संयोजक पद्मेश गांधी ने बताया कि रक्तदान को लेकर पहले तो स्वयं सेवी संस्थाए ही आगे आती थीं लेकिन रक्तदान के प्रति जागरूकता से अब कई समाज भी आगे आने लगे हैं. समय-समय पर विभिन्न संगठन व समाज रक्तदान शिविर का आयोजन करते हैं. जिससे ब्लड बेंक में ब्लड की पर्याप्त उपलब्धता रहती है जिससे रक्त के अभाव में किसी की जान नहीं जाती.

बहरहाल ये डूंगरपुर ब्लड बैंक के ही प्रयास हैं जिसके चलते आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में भी रक्तदान को लेकर आमजन में जागरूकता बढ़ रही है और लोग व समाज खुद आकर रक्त रूपी महादान करते हुए लोगों का जीवन बचाने में सहयोग कर रहे हैं.