अजमेर में शीतलहर ने बढ़ाई सर्दी, जमाव बिंदु पर पहुंचा पारा

कई इलाकों में रात का तापमान गिरकर 5 डिग्री तक पहुंच गया है. जिसके कारण शहरवासियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

अजमेर में शीतलहर ने बढ़ाई सर्दी, जमाव बिंदु पर पहुंचा पारा
शहर में कई क्षेत्रों में पारा जमाव स्तर तक पहुंच गया है.

अजमेर: राजस्थान के अजमेर में सर्दी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है. शहर में कई क्षेत्रों में पारा जमाव स्तर तक बढ़ गया है. शहर के फ्रेजर रोड पर देर रात जमा देने वाली सर्दी दिखाई दी. इसके कारण गाड़ियों पर बर्फ की परत जम गई. वहीं,  फ्रेजर रोड पर खड़ी गाड़ियों पर बर्फ जमने के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त होने लगा है. 

यहां तक कि, रात का तापमान गिरकर कई इलाकों में 5 डिग्री तक पहुंच गया है. जिसके कारण शहरवासियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रात की सर्दी से बचने के लिए लोग अलाव व अन्य संसाधनों का प्रयोग कर रहे हैं. लगातार बढ़ रही सर्दी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

मौसम विभाग की मानें तो भूमध्य सागर में उत्पन्न होने वाले असमान्य व शक्तिशाली 'पश्चिमी विक्षोभ' ने हिंदी पट्टी सहित समूचे उत्तर भारत को बीते पखवाड़े से ठिठुरने को मजबूर कर दिया है. गंगा के मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा और हिंद महासागर की असामान्य वार्मिग पश्चिमी विक्षोभ के लिए जिम्मेदार हैं. 

इसके साथ ही भूमध्यसागरीय क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले उष्णकटिबंधीय तूफान से भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरपश्चिम भाग में अचानक से ठंड के मौसम में बरसात हुई, जिससे देश के कुछ शहरों में दिन का तापमान भी 12 डिग्री से नीचे हो गया.

वहीं, मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो 'आम तौर पर ज्यादा ठंड की अवधि 5 या 6 दिनों होती है. लेकिन इस साल 13 दिसंबर से तापमान में गिरावट जारी है. यह अप्रत्याशित है. हालांकि, अब ऐसा लगता है कि 31 दिसंबर के बाद ही राहत मिल सकती है'. वैज्ञानिकों का मानना है कि 16 से 17 दिनों से अधिक समय तक इस तरह के ठंडे मौसम का होना असामान्य है. भीषण शीतलहर से उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है.