जानिए अंतरिम बजट 2019 पर राजस्थान के नेताओं की क्या रही प्रतिक्रिया

राजस्थान के बीजेपी नेताओं ने जहां बजट को सराहा है. वहीं, कांग्रेस नेताओं ने इसे जुमलेबाजी करार दिया है.

जानिए अंतरिम बजट 2019 पर राजस्थान के नेताओं की क्या रही प्रतिक्रिया
वसुंधरा ने कहा है कि इस बजट ने हर वर्ग को राहत दी है.

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा 1 फरवरी को अपने इस कार्यकाल में पेश किए गए अंतिम बजट पर राजस्थान के बीजेपी नेता जहां बजट में की गई घोषणाओं को अभूतपूर्व बता रहे हैं. वहीं, राज्य के सीएम अशोक गहलोत ने इसे आम लोगों से किए वायदों को पूरा न करने की जगह इसे जुमलेबाजी कहा है.

शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में बजट पेश होने के बाद राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी. गहलोत ने अपनी ट्वीट में लिखा है, ''2019 का यह बजट भारतीय जनता पार्टी का चुनावी पत्र है. जिसमें आम लोगों की मांगों को पूरा करने की जगह इसे जुमलों से भर दिया गया है. जबकि सरकार का कार्यकाल खत्म होने को है, देश के वित्त मंत्री केंद्र सरकार के 10 साल का विजन बताते फिर रहे हैं.'' 

 

वहीं, राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने अपनी ट्वीट में लिखा है, "सबका साथ सबका विकास की भावना से प्रेरित अंतिम बजट ने हर वर्ग को राहत दी है. जिसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी, अरूण जेटली और पीयूष गोयल को बधाई. विशेष रूप से गरीब किसान के खाते में प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए डालने का फैसला अभूतपूर्व है.''

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने केन्द्र सरकार के बजट को ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री पीयूष गोयल का आभार व्यक्त किया है. सैनी ने कहा है कि आयकर में छूट की सीमा को 2.50 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करना सीधे तौर पर मध्यम वर्ग को जबरदस्त फायदा पहुंचाने वाला है.

बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने अपनी ट्वीट में लिखा है , ''इससे पहले देश में मध्यम आय वर्ग को ऐसी राहत कभी नहीं मिली थी. जैसी पीएम नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने 2019 के बजट में की है. नए भारत के लिए तैयार इस बजट में आयकर में छूट की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने के बाद देश में करोड़ों परिवारों की जीवनशैली को ऐतिहासिक रफ्तार मिली है.''

वहीं, बीजेपी के राज्य मीडिया प्रभारी विमल कटियार ने कहा है कि इस बजट में किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग का खास ध्यान रखा गया है. यह बजट सभी की उम्मीदों को पूरा करने वाला, विकास को बढ़ावा देने वाला बजट है. इस बजट में किसानों के लिये लिया गया फैसला मील का पत्थर साबित होगा. 

सीपीआई(एम) के नेता और विधायक बलवान पूनिया ने नरेंद्र मोदी सरकार की इस बजट को जनविरोधी करार दिया है. पूनिया ने कहा है, ''किसानों को 17 रुपए देने का ऐलान सियासय का उनके साथ एक मजाक है. देश के किसानों और गरीबों को मोदी जी ने निशाने पर लिया है. यह निराशा का बजट है, जनता के साथ धोखा है.''