कम नहीं हो रही है रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें, अब जयपुर में भी ED करेगी पूछताछ

वह प्रवर्तन निदेशालय के सामने बीकानेर के कोलायत में हुए जमीन खरीद के मामले में ED के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे.

कम नहीं हो रही है रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें, अब जयपुर में भी ED करेगी पूछताछ
275 बीधा जमीन खरीद मामले में वाड्रा पर हेरफेर का आरोप है. (फोटो साभार: DNA)

नई दिल्ली: यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा जहां दिल्ली में लंदन में हुए लैंड स्कैम के कारण ED के घेरे में हैं. 9 फरवरी को उनसे इस मामले में तीसरी बार पूछताछ चल रही है. इसके बाद 12 फरवरी को भी वाड्रा और उनकी मां मौरीन को जयपुर स्थित ईडी के ऑफिस में पूछताछ के लिए पेश होना है. वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने बीकानेर के कोलायत में हुए जमीन खरीद के मामले में ED के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे.

आपको बता दें कि, राजस्थान हाईकोर्ट ने बीकानेर जिले के कोलायत क्षेत्र में 275 बीघा जमीन खरीद के मामले में रॉबर्ट वाड्रा के अलावा उनकी मां मौरीन को 12 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होने का निर्देश दिया था.  

हाईकोर्ट के न्यायाधीश पुष्पेन्द्र सिंह भाटी ने वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडीशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) राजदीप रस्तोगी ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि जमीन खरीद मामले में कोई प्राथमिकी नहीं है, न ही वे आरोपी हैं. एक शिकायत पर इसकी जांच की जा रही है, जिसे रोका नहीं जा सकता. इस पर न्यायालय ने कंपनी के सभी साझेदारों को ईडी के सामने पेश होने का आदेश दिया. ईडी ने पिछले वर्ष नवंबर के अंतिम सप्ताह में वाड्रा को तीसरी बार समन जारी किया था. इससे पहले भी वे दो समन की अनदेखी कर चुके थे.  

इस दौरान वाड्रा के वकील ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं, लेकिन वो अपनी बेटी के इलाज के लिए इंग्लैंड जा रहे हैं. जिसके बाद न्यायालय ने कहा था कि दोनों पक्षों के वकील पेशी की तारीख खुद तय कर लें. इस दौरान 12 फरवरी को वाड्रा और उनकी मां को इस मामले में पेशी के आदेश दिए गए थे. अदालत ने ईडी को जांच कार्यवाही की रिपोर्ट अगली पेशी पर देने के निर्देश दिए.

ड्राइवर के नाम जमीन खरीदने का है आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जमीन मध्यस्थ महेश नागरे के ड्राइवर के नाम से खरीदी गई थी. जबकि इसके भुगतान के लिए राबर्ट वाड्रा द्वारा दिया गया चेक इस्तेमाल किया गया. ईडी ने इसके बाद राबर्ट वाड्रा और कंपनी की साझीदार मौरीन वाड्रा को पिछले वर्ष नवंबर में तीसरी बार समन जारी किया गया. लेकिन उनमें से कोई ईडी के समक्ष पेश नहीं हुआ और इसके बजाय वह अदालत में चले गए थे.