बेटे की सगाई में पिता ने पेश की मिसाल, शगुन में मांगा नारियल और एक रुपया

आदिवासी मीना महासभा के जिलाध्यक्ष फूलचंद मीना ने दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए एक अनूठी पहल कर एक मिसाल पेश की है. 

बेटे की सगाई में पिता ने पेश की मिसाल, शगुन में मांगा नारियल और एक रुपया
टोंक जिले में इस पहल की काफी चर्चा हो रही है. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: हर साल दहेज के कोढ़ के कारण कई नवविवाहिताओं को अपनी जान गंवानी पड़ती है. ऐसे वक्त में टोंक के अलीगढ़ के रहने वाले आदिवासी मीना महासभा के जिलाध्यक्ष फूलचंद मीना ने दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए एक अनूठी पहल कर एक मिसाल पेश की है. मीना ने अपने बेटे बुद्धि प्रकाश के लग्न टीका में दहेज को नकारते हुए दुल्हन पक्ष से शगुन के तौर पर नारियल और एक रुपया लिया है.

आपको बता दें कि, मीना समाज में लाखों रूपए लेकर सगाई शादी करने की परंपरा रही है. लेकिन फूलचंद मीना ने अपने बेटे की शादी में दहेज को नकार दिया. उनके बेटे बुद्धि प्रकाश की शादी 18 मई को हैदरीपुरा की रहने वाली उषा मीणा के साथ होने जा रही है. जिसके लिए लग्न टीका के रस्म के दौरान दुल्हन पक्ष काफी उपहार लेकर आया था. लेकिन लड़के के पिता फूलचंद ने दुल्हन पक्ष से महज एक रूपया और नारियल लेकर सगाई करने को कहा.

नकारा सामाजिक बुराई को
मीडिया से बातचीत में फूलचंद मीना ने कहा कि मीना समाज में बेटे की शादी के निभाई जाने वाली टीके की रस्म में लाखों रूपए नगद और महंगी कारों के साथ सोने-चांदी के भारी जेवर देने की परम्परा चली आ रही है, जो एक सामाजिक बुराई है. जिसके कारण गरीब पिता अपनी बेटी के हाथ पीले नहीं कर पाता है.

पहल की हो रही प्रशंसा
बहरहाल मीना के इस पहल की टोंक में काफी प्रशंसा हो रही है. मीना समाज के लोगों का मानना है कि दहेज के खिलाफ इस तरह की पहले से समाज की मानसिकता में भी धीरे-धीरे बदलाव हो सकता है.